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शहर की सड़कों को लेकर कोर्ट सख्त, कहा- ठेकेदार, अधिकारियों के खिलाफ चार नवंबर तक पेश करें चार्जशीट

शहर की सड़कों को लेकर कोर्ट सख्त, कहा- ठेकेदार, अधिकारियों के खिलाफ चार नवंबर तक पेश करें चार्जशीट

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर की सड़कों पर गड्ढों की समस्या पर केंद्रित सू-मोटो याचिका पर  न्यायमूर्ति जेड. ए. हक और न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला की खंडपीठ ने अपना आदेश जारी किया। पूर्व में नागपुर पुलिस आयुक्त कोर्ट में शपथपत्र दे चुके थे कि गड्ढों के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों से जुड़े दो आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। एक मामले में ओसीडब्ल्यू मंगलवारी जोन के ठेकेदार और अधिकारी पर सदर पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है, तो इसी तरह लकड़गंज पुलिस थाने में बीएसएनएल के ठेकेदार और टिप्पर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। दोनों मामलों में पुलिस के पास चार्जशीट तैयार है। हाईकोर्ट ने पुलिस को 4 नवंबर तक मजिस्ट्रेट के समक्ष चार्जशीट प्रस्तुत करने को कहा है। कोर्ट ने चार्जशीट की एक-एक प्रति हाईकोर्ट के रिकॉर्ड पर भी लाने को कहा है। दोनों प्रकरणों में हाईकोर्ट ने निचली अदालत को 30 जनवरी 2020 तक निर्णय लेने के आदेश दिए हैं। निचली अदालत में सुनवाई के लिए सरकार की मदद हेतु कोर्ट ने एड. आर. पी. जोशी और एड.आकांक्षा वंजारी को नियुक्त किया 

मनपा ने भी जारी किया ई-मेल  और सोशल मीडिया अकाउंट

मनपा के अधिवक्ता सुधीर पुराणिक ने हाईकोर्ट को बताया कि गड्ढों की समस्या के लिए मनपा ने भी ट्रैफिक पुलिस की तरह ई-मेल और सोशल मीडिया पोर्टल जारी किए हैं। नागरिक ngppotholescomplaints@gmail.com और ngpnmc नामक ट्विटर और फेसबुक आईडी पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हालांकि मनपा ने समाधान के लिए कम से कम 15 दिन का वक्त मांगा, लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें 7 दिन में ही गड्ढे भरने को कहा है। ऐसा नहीं होने पर पुलिस जिम्मेदार व्यक्तियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सकती है।  उल्लेखनीय है कि  ट्रैफिक पुलिस ने dcptrafficnagpur@gmail.com नामक ई-मेल, @trafficngp ट्विटर हैंडल और 9011387100 वाट्सएप नंबर जारी किया है। नागरिक यहां गड्ढों से जुड़ी शिकायत भेज सकते हैं। शिकायत को संबंधित विभाग को फॉरवर्ड किया जाएगा। मामले में न्यायालयीन मित्र के रूप में एड. राहिल मिर्जा ने पक्ष रखा। मध्यस्थी अर्जदार अजय तिवारी की ओर से एड. एम. अनिल कुमार ने पक्ष रखा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 नवंबर को रखी है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।