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इलाहाबाद के पूर्व महापौर की पोती और उसके पति को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश

इलाहाबाद के पूर्व महापौर की पोती और उसके पति को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। हाईकोर्ट ने इलाहाबाद के पूर्व महापौर की पोती दीक्षा और उसके पति रितुराज को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। जस्टिस विशाल धगट की एकल पीठ ने मध्यप्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर उन्हें जल्द से जल्द पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराए। एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा गया कि मध्यप्रदेश पुलिस के सहयोग के बिना उत्तरप्रदेश पुलिस रितुराज और उसके परिजनों से पूछताछ नहीं कर सकेगी। 

दीक्षा और रितुराज ने 5 जुलाई को भोपाल में प्रेम विवाह किया

पुलिस सुरक्षा के लिए इलाहाबाद के पूर्व महापौर मुरारी लाल अग्रवाल की पोती दीक्षा, भोपाल निवासी बीके राजपूत और रितुराज की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि दीक्षा और रितुराज ने 5 जुलाई को भोपाल में प्रेम विवाह किया है। 6 जुलाई को उन्होंने अपनी शादी का पंजीयन भी करा लिया। इसकी जानकारी जब दीक्षा के परिजनों को लगी तो 7 जुलाई को दीक्षा के दादा मुरारीलाल अग्रवाल और पिता पवन अग्रवाल अपने 10-15 रिश्तेदारों के साथ कोलार स्थित रितुराज के घर पहुंच गए। उन्होंने रितुराज के माता-पिता के साथ गाली-गलौज की और उनके घर पर तोडफ़ोड़ की। इस मामले की शिकायत कोलार थाने के साथ डीजीपी से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिवक्ता रामेश्वर पी. सिंह और आलोक बागरेचा ने तर्क दिया कि अनावेदक राजनीतिक पहुंच वाले व्यक्ति है। इसकी वजह से याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उनसे याचिकाकर्ताओं को जान का खतरा है। सुनवाई के बाद एकल पीठ ने मप्र के डीजीपी को दीक्षा और रितुराज को पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश दिए है।हाईकोर्ट का निर्देश है कि मप्र पुलिस के सहयोग के बिना उप्र पुलिस याचिका कत्र्ताओं से पूछताछ नहीं कर सकेगी ।दीक्षा और रितुराज ने 5 जुलाई को भोपाल में प्रेम विवाह किया है। 

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