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हाईकोर्ट : चंदा कोचर की याचिका में आरबीआई को पक्षकार बनने की अनुमति

हाईकोर्ट : चंदा कोचर की याचिका में आरबीआई को पक्षकार बनने की अनुमति

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) को पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी है। अधिवक्ता सुजय कांटावाला के मार्फत दायर याचिका में कोचर ने आईसीआईसीआई द्वारा उन्हें पद से हटाए जाने के निर्णय को चुनौती दी है। सोमवार को कोचर की याचिका न्यायमूर्ति आरवी मोरे व न्यायमूर्ति एमएस कर्णिक की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आयी। इस दौरान बैंक की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता दरायस खंबाटा ने कहा कि कोचर की यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। क्योंकि आईसीआईसीआई ने सभी नियमों पालन करने के बाद ही याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं कोचर की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम नानकानी ने कहा कि मेरे मुवक्किल को पद से हटाने से पहले आरबीआई से जरुरी मंजूरी नहीं ली गई थी। आरबीआई से मंजूरी मिलने से पहले ही कोचर को पद से हटा दिया गया। इसलिए इस मामले में हमें आरबीआई को पक्षकार बनाने की अनुमति दी जाए। 

पद से हटाने के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर हुई है याचिका 

मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 9 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी। याचिका में कोचर ने दावा किया गया है कि रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) की मंजूरी के बिना उन्हें हटाया गया है। यह बैकिंग रेग्युलेशन कानून की धारा 35 बी के खिलाफ है। इसके साथ ही आईसीआईसीआई ने मुझे तय हुए पारिश्रमिक का भी भुगतान नहीं किया है। याचिका में कोचर ने दावा किया है कि मुझे पद से हटाने का निर्णय कानून की दृष्टि से अवैध है। 
 

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