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विदर्भ के कलाकारों से अभिनीत हिंदी-मराठी धारावाहिकों की नागपुर में होगी शूटिंग

विदर्भ के कलाकारों से अभिनीत हिंदी-मराठी धारावाहिकों की नागपुर में होगी शूटिंग

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  विदर्भ के कलाकारों को जल्द ही संतरानगरी में बनने वाले मराठी धारावाहिक "डॉक्टर-डॉक्टर' और हिंदी धारावाहिक "क्या कहेंगे लोग' में अभिनय करने का मौका मिलेगा। इसके लिए धारावाहिक के निर्माता-निर्देशक पदमानंद सरदार ने सिविल लाइंस स्थित विधायक निवास में ऑडिशन लिया। दो चरणों में लिए गए इस ऑडिशन में कई कलाकारों का चयन किया गया। इसकी शूटिंग जल्द शुरू होगी। दोनों धारावाहिकों की मुंबई और नागपुर के कई लोकेशनों पर शूटिंग की जाएगी। धारावाहिक ध्रुव आर्ट्स इंटरनेशनल व ड्रीम वर्ल्ड फिल्मस  के संयुक्त तत्वाधान में बनाए जाएंगे। धारावाहिकों में सिने अभिनेत्री वर्षा उसगांवकर, प्रसाद ओक, प्रेम पाटील, तेजस्विनी प्रधान की प्रमुख भूमिका है। इसमें नागपुर के कलाकार सुनील हिरेखन, प्रीति थूल, शिल्पा नांदगावे, अर्जुन यादव, योगेश सातपुते, राम चौधरी व अन्य कलाकार भी अपनी कला का परिचय देंगे। धारावाहिक के सह निर्माता संतोष साहू हैं। प्रोडक्शन कार्य संतरानगरी के संजय कुमार और चंद्रपुर के रमेश खातखेड़े देख रहे हैं।

ब्रह्मनाद में गूंजे सितार एवं तबले के स्वर
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र में प्रातः कालीन संगीत सभा ब्रह्मनाद का आयोजन किया गया। पुणे के अजिंक्य गलांडे ने एकल तबला वादन एवं प्रसिद्ध सितार वादक अनिरुद्ध जोशी ने सितार वादन की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का उद्घाटन संतूर वादक पं. वाल्मीकि धांडे, अर्चना जोशी एवं दमक्षेसां केंद्र के निदेशक डॉ. दीपक खिरवडकर ने दीप प्रज्वलन कर किया। अजिंक्य गलांडे के एकल तबला वादन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें उन्होंने ताल "झपताल' में पंजाब घराने व अन्य घरानों के ‘कायदे’, ‘शिवपुराण’ व अन्य रचनाओं की सुंदर प्रस्तुतियां देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।  इस अवसर पर उपनिदेशक मोहन पारखी, कार्यक्रम अधिकारी शशांक दंडे, श्रीकांत देसाई की उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्वेता शेलगांवकर ने किया। सभी कलाकारों का स्वागत पं. वाल्मीकि धांडे, डॉ. गजानन झाडे एवं डॉ. वर्षा झाडे ने किया।

32 रागों की माला से समापन
कार्यक्रम के दूसरे चरण में सितार वादक अनिरुद्ध जोशी ने सितार वादन का प्रारंभ राग ‘रामकली’ से किया,  जिसमें उन्होंने आलाप, जोड़, झाला प्रस्तुत किया।  इसके पश्चात उन्होंने ‘ताल-त्रिताल, मध्य लय एवं दृत लय मे ‘बंदिशों की प्रस्तुति दी| कार्यक्रम का समापन उन्होंने 32 रागों की राग माला बजाकर किया।  उनका साथ तबला वादक संदेश पोपटकर ने दिया।
 

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