दैनिक भास्कर हिंदी: रेस्टारेंट की आड़ में चल रहा था हुक्का पार्लर ,नशे में धुत थे युवा, पुलिस ने छापा मारकर दबोचा

December 25th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सामाजिक सुरक्षा विभाग के दस्ते ने रेस्टॉरेंट में छापा मारा, जहां हुक्का पार्लर चलाया जा रहा था। बर्डी थाने में आरोपी मालिक और प्रबंधक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

गुप्त जानकारी पर हुई कार्रवाई
जीपीओ चौक में द कॉमन ग्राउंड कैफे बार और मिसु मिसु एशियन रेस्टॉरेंट है। यहां पर हुक्का पार्लर चलने की गुप्त जानकारी सामाजिक सुरक्षा विभाग के दस्ते को मिली थी।   देर रात पुलिस ने रेस्टॉरेंट को घेर लिया और छापा मार कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान संभ्रांत परिवार के युवा नशे करते हुए पाए गए। उन्हें अलग-अलग फ्लेवर के तंबाकू का नशा उपलब्ध कराया जा रहा था। अचानक पुलिस के आ धमकने से अफरा-तफरी का माहौल रहा।

हुक्का पार्लर के संचालक आशीष सुरेशराव गायकी (अयोध्या नगर) और प्रबंधक पंकज मधुकर गोलाईत (दिघोरी नाका निवासी) के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। हुक्का पॉट और सामग्री जब्त की गई है। अपर आयुक्त नीलेश भरणे, उपायुक्त गजानन राजमाने के मार्गदर्शन में निरीक्षक किशोर पर्वते, उपनिरीक्षक अतुल इंगोले, स्मिता सोनवणे, मनोज सिंह चौहान, प्रवीण फांदडे, छाया राऊत, दीपिका दनोडे और संदेश पाटील कार्रवाई में शामिल थे। 

अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाला वकील पुणे से गिरफ्तार
शहर के एक वकील को पुणे से गिरफ्तार कर लाया गया है।  सदर पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर पीसीआर में लिया गया। आरोप है कि वकील ने सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी कर एक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। आरोपी वकील मुकुल उल्हास फड़के (35) प्रताप नगर क्षेत्र का निवासी है। घटित प्रकरण को लेकर सदर थाने के निरीक्षक महेश बंसोडे ने बताया कि 3 से 17 नवंबर 2019 के बीच में मुकुल ने साेशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी की थी। उस समय अयोध्या प्रकरण में अदालत का फैसला आया था।

फैसले के पूर्व और बाद में जातीय तनाव उत्पन्न न हो इसलिए प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही थी और देशवासियों को अगाह किया जा रहा था कि सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी टिप्पणी न करें, जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे।  इसके बाद भी मुकुल ने ऐसी पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली। इससे एक समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची। जिसके चलते 18 नवंबर 2019 को मुकुल के खिलाफ सदर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद मुकुल ने गिरफ्तारी टालने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने मुकुल की जमानत याचिका खारिज कर दी। जिससे पुलिस मुकुल को गिरफ्तार करने के लिए  सक्रिय हो गई, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। इस बीच पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उसके मोबाइल का लोकेशन खंगाली, तो वह पुणे में होने की जानकारी मिली। तत्काल बाद संबंधित थाने का दस्ता पुणे के लिए रवाना हुआ। उसे गिरफ्तार कर  नागपुर में लाया गया। इस बीच अदालत में पेश कर उसे 26 दिसंबर तक पीसीआर में लिया गया है, जांच जारी है।