दैनिक भास्कर हिंदी: होटल और भोजनालय वालों की चांदी, बियर बार का लाइसेंस लेने लगी लाइन

June 18th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। आबकारी विभाग की विस्तारित व सुधारवादी नीति के कारण होटल वालों की बहार आ गई है। विभाग द्वारा होटल वालों को बियर बार का लाइसेंस देने की घोषणा करने के बाद लाइसेंस लेने के लिए होटल वालों की लाइन लग गई है। इसके लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। विभाग के पास करीब 200 आवेदन आ चुके हैं। शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में लाइसेंस की मांग ज्यादा है। आबकारी विभाग ने सावजी भोजनालय और होटलों को बियर बार का लाइसेंस देने की घोषणा की है। उसके बाद से बियर बार के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ज्यादातर लोग ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात है कि लाइसेंस की डिमांड शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों से हो रही है। विभाग के पास अभी तक 200 से ज्यादा आवेदन पहुंच चुके हैं। विभाग ने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। जांच-पड़ताल व शर्तों पर खरा उतरनेवाले होटलों में बियर बार शुरू करने की अनुमति एक-दो महीने में मिल सकती है। 

ग्रामीण में कम है लाइसेंस शुल्क

सरकार की नियम-शर्तों कितने होटल खरा उतरेंगे यह कहना मुश्किल है, लेकिन मनपा सीमा (शहर) की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा बियर बार खुलेंगे। इसकी मुख्य वजह यह है कि शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में लाइसेंस शुल्क काफी कम है। ग्रामीण में जहां सालाना 55 हजार से 1 लाख रुपए तक शल्क है, वहीं शहर में यह शुल्क 6.50 लाख तक है। ग्रामीण क्षेत्रों में न तो जगह की कमी है, न ही पार्किंग स्पेस की कमी होती है, जबकि शहर में पार्किंग स्पेस की सबसे बड़ी समस्या होती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों से आवेदन ज्यादा आने की जानकारी मिली है। 

ढाबे वाले भी पीछे नहीं 

नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में नेशनल व स्टेट हाईवे से सटकर लगे ढाबों की कमी नहीं है। नागपुर से भंडारा, वर्धा, चंद्रपुर व छिंदवाड़ा के लिए राजमार्ग जाते हैं। इन राजमार्गों से सटकर काफी होटल व ढाबे हैं। इन होटलों में चोरी-छिपे शराब परोसने के आरोप भी लगते रहते हैं। अब लाइसेंस मिलने की उम्मीद में ढाबे वाले भी बार खोलने को आतुर हैं। ग्रामीण क्षेत्र में होने से फीस भी बहुत ज्यादा नहीं है। 

नियम-शर्तों का होगा पूरा पालन 

बियर बार के लिए ऑफलाइन व ऑनलाइन पद्धति से काफी आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदन के साथ उपलब्ध दस्तावेजों की जांच-पड़ताल हो रही है। नियम-शर्तों के पैमाने पर खरा उतरने वाले होटलों को समिति लाइसेंस जारी करेगी। नियम-शर्तों का पूरा पालन किया जाएगा। भोजनालय, होटल व ढाबा संचालकों ने लाइसेंस की मांग की है। बार के लिए जरूरी सभी मानक व शर्तें यहां भी लागू रहेंगी। -प्रमोद सोनोने, अधीक्षक, राज्य आबकारी विभाग नागपुर