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एसिड अटैक थमेगा कैसे? नागपुर में आसानी से उपलब्ध है, नहीं कोई सख्त नियम-कानून

एसिड अटैक थमेगा कैसे? नागपुर में आसानी से उपलब्ध है, नहीं कोई सख्त नियम-कानून

 डिजिटल डेस्क, नागपुर। भास्करहिंदी डॉट काम ने यह जानने की कोशिश की क्या एसिड के मामले में कोर्ट और सरकार के नियमों का पालन हो रहा है? पड़ताल में सारे नियम केवल कागजों तक ही सीमित है। इतनी घटनाओं से भी पुलिस और प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। शहर में बड़ी आसानी से मनचलों को एसिड उपलब्ध है। कोई कुछ भी पूछने वाला नहीं। हैरानी की बात यह है कि सल्फ्यूरिक एसिड दुकानों पर बहुत ही आसानी से उपलब्ध है। 

ये कहते हैं एक्सपर्ट
 एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स के एक्सपर्ट ने बताया कि सल्फ्यूरिक एसिड का प्रमाण अगर सांद्रण में 3 फीसदी से अधिक हो, तो वह त्वचा को इंज्योर करने लगती है। जैसे-जैसे किसी भी घोल में एसिड का फीसदी बढ़ने लगता है, इंज्युरी भी उसी प्रमाण में अधिक होने लगती है। सामान्यत: टाॅयलेट में उपयोग की जाने वाली एसिड के घोल में सल्फ्यूरिक एसिड का प्रमाण 1 से 2 फीसदी होता है।

इतवारी बाजार में एसिड की दुकान 
रिपोर्टर- सल्फ्यूरिक एसिड मिल जाएगी क्या?
दुकानदार- हां, मिल जाएगी, कितनी चाहिए।
रिपोर्टर- हमें बड़ी मात्रा में चाहिए, उससे टाॅयलेट साफ करने के लिए एसिड बनाते हैं?
दुकानदार- हां, मिल जाएगी, मगर आपको अपनी कैन लानी पड़ेगी।
रिपोर्टर- हमें ज्यादा मात्रा में चाहिए, 50 से 60 लीटर हर महीना चाहिए।
दुकानदार- बस, इतनी तो कभी भी मिल जाएगी। अपनी कैन लेकर आ जाया करो बस।

इतवारी बाजार की दूसरी दुकान 
रिपोर्टर- सल्फ्यूरिक एसिड मिल जाएगी क्या?
दुकानदार- हां, मिल जाएगी।
रिपोर्टर- हमें ज्यादा मात्रा में चाहिए। गांधीबाग में हम टाॅयलेट साफ करने के लिए एसिड बनाते हैं।
दुकानदार- हां, मिल जाएगी, मगर आपको कैन लानी पड़ेगी या फिर एक बार 200 रुपए की एक कैन खरीद लो, हमेशा काम आएगी।
रिपोर्टर- हमें ज्यादा मात्रा में चाहिए, 200 लीटर हर महीना लगेगी?
दुकानदार- ठीक है, हम किलोग्राम के हिसाब से देते हैं। 50 लीटर की कैन में 60 किलोग्राम आता है। 200 लीटर के लिए 4 कैन खरीदनी पड़ेगी। फिर हर बार वो कैन रख जाया करो और दूसरी उठा ले जाया करो।

यह है नियम 
सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के मुताबिक कोई भी एसिड बिना लाइसेंस के नहीं बेच सकता। सरकार इस पर पूरी निगरानी रखेगी।
बेचने और खरीदने वालों को जानकारी पुलिस को भी देनी पड़ेगी। 18 साल से कम उम्र वालों को नहीं बेचा जा सकता।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।