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नसबंदी शिविर में  भूखे-प्यासे परेशान होती रही महिलाएं - सात घंटे इंतजार के बाद हुआ ऑपरेशन  

नसबंदी शिविर में  भूखे-प्यासे परेशान होती रही महिलाएं - सात घंटे इंतजार के बाद हुआ ऑपरेशन  

  डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल की ट्रामा यूनिट में पिण्डरईकला स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा आयोजित नसबंदी शिविर में स्टाफ और चिकित्सक की लेट लतीफी से नसबंदी कराने आई महिलाएं परेशान होती रही। सुबह से खाली पेट चिकित्सक का इंतजार करते रहे हितग्राहियों के ऑपरेशन शाम पांच बजे के बाद शुरू हो पाए। इस लेट लतीफी पर सर्जन का कहना है कि शिविर स्टाफ से देरी से सूचना मिली थी। जिसके बाद वह ऑपरेशन करने शिविर में पहुंचे थे। वहीं पिण्डरईकला बीएमओ की माने तो सर्जन को दोपहर में ही शिविर में आने की सूचना दे दी गई थी। हर बुधवार को ट्रामा यूनिट में नसबंदी शिविर का आयोजन किया जाता है। इस बुधवार को पिण्डरईकला और मोहखेड़ से एक पुरुष व चार महिलाएं नसबंदी ऑपरेशन कराने आई थी। शिविर में सभी जांचों के बाद हितग्राहियों के ऑपरेशन किए जाने थे। सुबह से ऑपरेशन के लिए चिकित्सक का इंतजार कर रहे हितग्राहियों का शाम पांच बजे ऑपरेशन शुरू हो पाया।
लम्बे इंतजार के बाद हितग्राही लौटे-
शिविर में समय पर सर्जन न आने से परेशान मोहखेड़ का एक पुरुष हितग्राही वापस लौट गया। वहीं एक महिला अनफिट होने से सिर्फ तीन महिलाओं के ऑपरेशन हो पाए। त्योहार होने की वजह से इस बार शिविर में हितग्राही कम थे। इस वजह से  प्रबंधन ने भी ध्यान नहीं दिया।
क्या कहते हैं अधिकारी-
- शाम चार बजे नसबंदी शिविर में आने की सूचना शिविर स्टाफ द्वारा दी गई। सूचना मिलने के बाद महिलाओं के ऑपरेशन कर दिए गए है। हमारे द्वारा लापरवाही नहीं बरती गई है। 
- डॉ.एनएस ढाकरिया, शल्य चिकित्सक
- सर्जन को बीईई द्वारा दोपहर ढाई बजे ऑपरेशन के लिए सूचना दे दी गई थी। हितग्राही कम होने की वजह से सर्जन लेट पहुंचे। इस वजह से शिविर में अव्यवस्था बनी।
- डॉ.सुदेश नागवंशी, बीएमओ, पिण्डरईकला
 

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