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पत्थर के लिए नदी किनारे ब्लास्टिंग, लालपुर के पास खनिज विभाग को मिला जखीरा

June 27th, 2018 17:17 IST
पत्थर के लिए नदी किनारे ब्लास्टिंग, लालपुर के पास खनिज विभाग को मिला जखीरा

डिजिटल डेस्क, शहडोल। प्रशासन की नाक के नीचे रेत उत्खनन व पत्थर खनन करके संभाग की जीवन दायिनी सोन नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। लगातार हो रहे इस कारोबार पर देर से सही खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। जिसमें अवैध कारोबार के साथ बारूद के जरिए विस्फोट कर पत्थर निकालने के मामले का खुलासा हुआ। संभागीय मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर लालपुर व नौखाडिया में छापामार कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग ने सोन नदी से लगे एक जमीन पर भारी मात्रा में एकत्रित करके रखा गया पत्थर जब्त किया। जो करीब 900 क्यूबिक मीटर है।

इसके साथ ही 250-300 क्यूबिक मीटर रेत भी अवैध रूप से भण्डारित मिली। सूचना मिलने के बाद खनिज विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर पत्थर व रेत के मालिक तो नहीं मिले, लेकिन भारी मात्रा में संग्रहित मिले पत्थर व रेत की जब्ती बनाई। अब खनिज विभाग राजस्व विभाग की मदद से इस बात की तहकीकात कर रहा है कि जिस जमीन पर पत्थर व रेत का स्टॉक मिला है वह सरकारी है अथवा निजी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्रेशर के लिए बारूद लगाकर तोड़े जाते हैं पत्थर
खनिज विभाग के अधिकारियों को जहां पर पत्थर का भारी स्टॉक मिला है, वहां से सोन नदी कुछ ही दूरी पर स्थित है। बताया जाता है कि नौखाडिया में कुछ क्रेशर भी संचालित हैं, जिनमें उपयोग होने वाले पत्थरों को बारूद लगाकर तोड़ा जाता है। साथ ही जिस स्थान पर पत्थर खदान की लीज मिली हुई है, उसके ज्यादा के रकबे में विस्फोट के जरिए पत्थर निकाला जाता है। नदी के बिलकुल किनारे तक विस्फोट किया जाता है, जिससे नदी के अस्तित्व पर भी खतरा बनता जा रहा है।

सात दिन के भीतर 20 से अधिक वाहन पकड़े
खनिज के अवैध रूप से उत्खनन के अलावा परिवहन भी बड़ी मात्रा में हो रही है। विभाग की ओर से लगाातर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। सोमवार की रात अवैध परिवहन करते पाए जाने पर विभाग ने 6 वाहनों को पकड़ा गया है। गिट्टी से भरे 4 वाहन तथा एक ईंट व एक रेत से भरे एक वाहन को जब्त किया गया। विभाग द्वारा सात दिनों के भीतर 20 से अधिक वाहनों को अवैध परिवहन के मामले में पकड़ा जाकर कार्रवाई की गई है।

जमीन की जुटा रहे जानकारी
लालपुर में लावारिस हालत में पत्थर व रेत का स्टॉक मिला है। राजस्व विभाग की मदद से उस जमीन के बारे में पता लगाया जा रहा है कि स्टॉक स्थल शासकीय जमीन है अथवा निजी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ईशा वर्मा, खनिज निरीक्षक

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।