दैनिक भास्कर हिंदी: सुपारी की प्लेट पर ड्राइंग से साकार की कल्पना

January 7th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोई रंग-बिरंगे फूलों और फलों की आकृति में रंग भर रहा था, तो कोई मौसम और प्राकृतिक दृश्यों को उकेर कर पृथ्वी को बचाने का संदेश दे रहा था।कॉलेज के स्टूडेंट्स ने एकता को चरितार्थ किया, तो किसी ने टीम वर्क का महत्व समझाया। अवसर था चिटणीस सेंटर में ‘से नो टू प्लास्टिक ड्राइंग स्पर्धा’ का। प्रतियोगिता की खासियत रही कि इसमें सुपारी की प्लेट पर ड्राइंग बनाना था। स्पर्धा नटराज निकेतन संस्था, समवदि इंटरनेशनल प्रा. लि., हल्दीराम फूड इंटरनेशलन प्रा. लि., मैत्री परिवार संस्था, स्त्री शिक्षण प्रसारण और सुपरमाइंड द्वारा गो ग्रीन अंतर्गत आयोजित की गई थी। यह प्रतियोगिता शहर के साथ ही 6 राज्यों में एक ही दिन, एक ही समय पर कई स्कूलों में आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अध्यक्ष मंगला विटेकर, सचिव विलास पात्रीकर, मैत्री परिवार के अध्यक्ष संजय भेंडे, चंदू पेंडके, प्रमोद पेंडके, स्त्री शिक्षण प्रसारक मंडल के अध्यक्ष रवि फडणवीस, निखिल व्यास, मधुरा व्यास आदि उपस्थित थे। 

एशिया और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज
स्पर्धा नटराज निकेतन संस्था ने आयोजित की थी। सामविद इंटरनेशनल के संचालक मुकुंद पात्रीकर ने एशिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने का दावा किया है। इस प्रतियोगिता में 50 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रमुख अतिथि शिक्षाधिकारी डाॅ. शिवलिंग पटवे थे। कार्यक्रम का उद्घाटन  नागपुर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजय भेंडे द्वारा किया गया।  एड.  संजय बालपांडे, संजय सूर्यवंशी, नवयुग विद्यालय के संजय शिरपुरकर, निखिल व्यास, मधुरा व्यास, राजेश गुरु  इस दौरान उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। संस्था के अध्यक्ष सुशील तिवारी ने मंच संचालन किया।

अच्छा अनुभव रहा
अभी तक जितनी भी ड्राइंग स्पर्धा में हिस्सा लिया है, उनमें से ऐसा पहली बार था कि सुपारी की प्लेट पर ड्राइंग की। मैंने अपने चित्र के माध्यम से यह बताया कि प्लास्टिक से पर्यावरण को नुकसान होता है, इसलिए सभी को प्लास्टिक का उपयोग बंद करना चाहिए। इसके लिए सभी में जागरूकता होनी चाहिए। हर व्यक्ति की समाज के प्रति जिम्मेदारी है, सभी को उन जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए। सभी ने सुपारी की प्लेट पर अलग-अलग विषयाें पर ड्राइंग बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 
-सुमेधा बिस्वास, स्टूडेन्ट

बेरोजगारों को मिल सकता है रोजगार

ड्राइंग स्पर्धा का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है। ड्राइंग के लिए जो प्लेट बनाई जा रही है, वो सुपारी के पेड़ों से गिरने वाले वेस्ट पत्तों की है। इससे कई लोगों को रोजगार भी मिलता है। संस्था की ओर से विद्यार्थियों को  यह प्लेट नि:शुल्क दी गई। ‘से नो टू प्लास्टिक’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुपारी की प्लेट पर्यावरण संरक्षण के लिए कारगर साबित हो रही है। इसे धोकर 2 से 3 बार यूज किया जा सकता है। माइक्रावेव में भी इसको उपयोग में लाया जा सकता है।  डिस्पोजेबल प्लेट का उपयोग बंद होने के बाद सुपारी की प्लेट कारगर साबित हो सकती है।
-मुकुंद पात्रीकर, संचालक समविद इंटरनेशनल स्कूल