दैनिक भास्कर हिंदी: ससुराल वालों ने पत्नी को बना लिया बंधक, एसपी और टीआई से मांगा जवाब

June 6th, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। हाईकोर्ट में चितरंगी सिंगरौली निवासी एक युवक ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी को उसके ससुराल वालों ने गोरखपुर उत्तरप्रदेश में बंधक बना लिया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन की एकल पीठ ने सिंगरौली एसपी और चितरंगी टीआई को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। याचिका की अगली सुनवाई 21 जून को नियत की गई है। 

प्रेम विवाह किया था

चितरंगी सिंगरौली निवासी दिलीप कुमार मिश्रा की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया है कि उसने परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ जाकर एक युवती से प्रेम विवाह किया गया था। प्रेम विवाह करने के कुछ दिन बाद ससुराल वालों ने उसे उत्तरप्रदेश गोरखपुर के ग्राम चरपन में बुलाया। वह अपनी पत्नी के साथ वहां पर गया। ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और उसे वहा से भगा दिया। इसके बाद से ससुराल वाले उसकी पत्नी को बंधक बनाकर रखे हुए है। अधिवक्ता रविन्द्रनाथ चतुर्वेदी ने एकल पीठ को बताया कि इस मामले में सिंगरौली एसपी और चितरंगी टीआई से लिखित शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रांरभिक सुनवाई के बाद एकल पीठ ने अनावेदको को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज 

हाईकोर्ट ने पनागर क्षेत्र के एक आरोपी को आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस अंजुली पालो की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपी के खिलाफ 15 आपराधिक प्रकरण दर्ज है। ऐसे में उसे अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है। पनागर गांधी वार्ड निवासी धर्मेन्द्र गाडरी की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 294, 323, 327 और 506 बी का प्रकरण दर्ज किया है। याचिका में कहा गया कि पुलिस ने आवेदक को झूठा फंसाया है। इसलिए उसे अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि आवेदक के खिलाफ पनागर थाने में 15 आपराधिक प्रकरण दर्ज है। यदि आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दिया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। सुनवाई के बाद एकल पीठ ने अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है।
 

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