फोन टैपिंग मामला: सीबीआई को सौंपी गई जांच- आईपीएस अधिकारी शुक्ला के खिलाफ दर्ज हुई है एफआईआर

July 24th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य के चर्चित फोन टैपिंग मामले की जांच शिंदे सरकार ने अब सीबीआई को सौंप दी है। इस मामले में राज्य की तत्कालिन महा आघाडी सरकार ने आईपीएस अधिकारी रश्मी शुक्ला के खिलाफ पुणे व मुंबई में एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में तत्कालिन विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस का बयान मुंबई पुलिस ने दर्ज किया था। राज्य में सरकार बदलते ही शिंदे-फडणवीस सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने इन दोनों मामलों को सीबीआई को सौंपने का आदेश जारी किया है, लेकिन मुंबई पुलिस को अब तक आदेश की प्रति नहीं मिली है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की अधिकारी रश्मि शुक्ला कथित तौर पर नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की फोन टैपिंग के मामले में आरोपी हैं। आरोप है कि उन्होंने इस कृत्य को तब अंजाम दिया, जब वह वर्ष 2019 के दौरान राज्य खुफिया विभाग (एसआईडी) की प्रमुख थीं। मुंबई पुलिस ने वर्ष 2021 में पहली बार सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) साइबर पुलिस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ कथित तौर पर नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के फोन टैप करने और गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। यह प्राथमिकी एसआईडी की शिकायत पर दर्ज की गई थी। रश्मि शुक्ला फिलहाल हैदराबाद में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर तैनात हैं।                     

महा आघाडी सरकार के दौरान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुक्ला के कथित पत्र का हवाला देते हुए इस मामले को विधानसभा में उठाया था। इस पत्र को शुक्ला ने महाराष्ट्र के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक को भेजा था और उसमें विभाग में हुए तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। पत्र में फोन कॉल के टैप करने की भी जानकारी थी, जिसके बाद तत्कालीन शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा सरकार के नेताओं ने आरोप लगाया था कि बिना अनुमति के कथित तौर पर फोन टैप किये गए। इससे पहले, महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्य सचिव सीताराम कुंटे ने अपनी जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि शुक्ला ने गोपनीय रिपोर्ट लीक की है। साइबर पुलिस टीम ने इस मामले में शुक्ला का बयान दर्ज किया था। इसके बाद इस साल मार्च में फडणवीस का बयान भी दर्ज किया गया था। मुंबई पुलिस के तत्कालिन आयुक्त संजय पांडे के निर्देश पर इस मामले को हाल में आगे की जांच के लिए दक्षिण मुंबई के कोलाबा पुलिस थाने को स्थानांतरित किया गया था। अब, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बनी नयी सरकार ने आदेश जारी कर जांच सीबीआई को सौंपने को कहा है।   

सीबीआई करेगी गिरीश महाजन मामले की भी जांच 

उपमुथ्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री गिरीश महाजन मामले की जांच भी अब सीबीआई को सौंप दी गई है। महाजन के खिलाफ जलगांव में मामला दर्ज किया गया था। महाजन के साथ 28 अन्य लोगों को एफआईआर में नामजद किया गया है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि उन लोगों पर जलगांव स्थित एक सहकारी शिक्षण संस्थान के पदाधिकारी से वसूली और धमकी के आरोप हैं। बाद में इस मामले को पुणे के कोथरूड पुलिस थाने को आगे की जांच के लिए स्थानांतरित कर दिया गया था।