दैनिक भास्कर हिंदी: 25 गांवों में सिंचाई का संकट, किसानों ने कराया मुंडन

July 30th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। उमरेड मार्ग पर विहिरगांव में पोहरा नदी का पानी बांध बना कर रोकने से 20 से 25 गांव में किसानों के लिए सिंचाई की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। पोहरा नदी का पानी भांडेवाड़ी में जाने से प्रशासन से तत्काल रोकने की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों ने रास्ते पर उतरकर आंदोलन किया। किसानों ने शासन, प्रशासन के विरोध में तीव्र प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान करीब 100 किसानों ने आंदोलन स्थल पर मुंडन कर तीव्र विरोध जताया। आंदोलन की उग्रता को देख नागपुर ग्रामीण के तहसीलदार मोहन टिकले ने आंदोलन स्थल को भेंट दी। प्रा. अवंतिका लेकुरवाले से मांगों पर चर्चा कर टिकले ने निवेदन स्वीकारा। इससे पहले किसानों ने प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही जब्त कर लिया। 

शुद्ध करने के लिए भांडेवाड़ी ट्रीटमेंट प्लांट में लाया जा रहा पानी

‘संघर्ष जीने का’ जनआंदोलन की अध्यक्ष प्रा. अवंतिका लेकुरवाले के नेतृत्व में विहिरगांव में सैकड़ों किसानों ने ‘किसानों की शवयात्रा’ अभिनव आंदोलन किया। पोहरा नदी के पानी का कामठी, कुही तहसील के पांढुर्णा, तरोडी(बु), खेड़ी सहित करीब 25 गांवों के किसान सिंचाई का लाभ लेते हैं। इस क्षेत्र की 80 प्रतिशत खेती पोहरा नदी के सिंचाई अंतर्गत है, लेकिन पिछले साल भर से विहिरगांव में पोहरा नदी का पानी बांध बनाकर  रोका गया है।

मनपा द्वारा पोहरा पंपिंग स्टेशन से पोहरा नदी का पानी भांडेवाड़ी स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में लाकर शुद्ध किया जा रहा है। बाद में उसे खापरखेड़ा स्थित निर्माणाधीन विश्वराज विद्युत निर्मिति केंद्र को 200 एमएलडी पानी दिया जा रहा है। फिलहाल यह प्लांट शुरू नहीं होने से पानी शुद्ध कर नाग नदी में छोड़ा जा रहा है। किसानों को पानी शुद्ध करने को विरोध नहीं है। उनकी मांग है कि, शुद्ध किया गया पानी दोबारा पोहरा नदी में छोड़ने अथवा पोहरा पंपिंग हाउस विहिरगांव के बाजू में स्मॉल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार करें। विद्युत प्रोजेक्ट को दिया गया 200 एमएलडी पानी देना रद्द करें और नदी का गहराईकरण कर पानी का स्तर बढ़ाएं।