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जेडीए ने केंट बोर्ड को लिखा- पार्क में हुआ अवैध निर्माण तोड़ा जाए, पार्षदों ने कहा माफिया पर हो कार्रवाई

जेडीए ने केंट बोर्ड को लिखा- पार्क में हुआ अवैध निर्माण तोड़ा जाए, पार्षदों ने कहा माफिया पर हो कार्रवाई

डिजिटल डेस्क जबलपुर । केंट बोर्ड के अंतर्गत आने वाले कटंगा क्षेत्र में अवैध तरीके से बनाए जा रहे तीन ड्यूप्लेक्सों का मामला अब बेहद उलझ गया है। इस निर्माण कार्य में भाजपा के एक पार्षद की भूमिका संदेह के घेरे में है। इस मामले को लेकर जबलपुर विकास प्राधिकरण ने केंट बोर्ड को  पत्र जारी कर कहा है कि यह योजना भले ही केंट बोर्ड को हस्तांतरित कर दी गई हो लेकिन अवैध निर्माण पार्क की भूमि पर किया जा रहा है इसलिए उसे हर हाल में तोड़ा जाए। गेंद अब केंट बोर्ड के पाले में है लेकिन बोर्ड की ढुलमुल नीति के कारण कुछ होगा यह कहना मुश्किल है। वहीं सोमवार को इस मामले में एक नया मोड़ आ गया जब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के पार्षदों ने केंट बोर्ड सीईओ को ज्ञापन सौंपकर कहा कि भू-माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। कटंगा में जेडीए की योजना क्रमांक 27 संचालित थी जिसका हस्तांतरण वर्ष 2013 में हो गया था। यहाँ पार्क की जमीन खाली छोड़ दी गई थी जिस पर केंट बोर्ड के एक पार्षद ने फर्जी पट्टा प्राप्त किया और वह भूमि बोर्ड के सफाई ठेकेदारों को कम कीमत पर बेच दी। इसके बाद वहाँ अवैध तरीके से 3 ड्यूप्लेक्स बनाए जा रहे हैं। किसी प्रकार की कार्रवाई न हो इसके लिए ड्यूप्लेक्सों के बाहर आँगनबाड़ी का बोर्ड लगाया गया था। केंट बोर्ड के इंजीनियर अनुराग आचार्य ही वार्ड 8 के विकास कार्य का काम देखता है और उसकी जानकारी में यह अवैध निर्माण भी था लेकिन उसने आज तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए बोर्ड के पार्षद भी चाहते हैं कि अवैध निर्माण करने वालों के साथ ही इंजीनियर पर भी उचित कार्रवाई की जाए। वहीं जेडीए सीईओ राजेन्द्र राय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कुछ लोगों द्वारा पार्क की भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा है जिसे हटाया जाए। 
करोड़ों की भूमि पर कब्जा
  केंट बोर्ड उपाध्यक्ष अभिषेक चौकसे के नेतृत्व में पार्षद कविता अमरचंद बावरिया, मनमोहन अग्रवाल, किरण लखन ठाकुर और राजित यादव ने सोमवार को केंट बोर्ड सीईओ सुब्रत पॉल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर माँग की कि बोर्ड की कटंगा में करोड़ों की जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा है जिसे तोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले से बोर्ड की छवि धूमिल हो रही है। 
पूर्व में भी तोड़ा गया था अवैध निर्माण
 वहीं इस मामले को लेकर भाजपा पार्षद दल के सुरेन्द्र अग्रवाल सुंदर, राजेन्द्र पदम और राजित यादव ने भी सीईओ को ज्ञापन सौंपा और माँग की कि जिस प्रकार पूर्व में यहाँ अवैध निर्माण तोड़ा गया था उसी प्रकार फिर से कार्रवाई की जाए। पूरी तरह से अवैध तरीके से यहाँ तीन ड्यूप्लेक्स बनाए जा रहे हैं जिससे जनता में गलत संदेश जा रहा है क्योंिक वैसे तो बोर्ड जनता के लिए टॉयलेट तक नहीं बनाने देता। 

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