दैनिक भास्कर हिंदी: जावेद अख्तर की ओर से की गई मानहानि की शिकायत रद्द कराने कंगना पहुंची हाईकोर्ट

July 21st, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने गीतकार जावेद अख्तर की ओर से की गई आपराधिक मानहानि की शिकायत रद्द करने की मांग को लेकर बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। गीतकार अख्तर ने रनौत के खिलाफ अंधेरी मेट्रोपोलिटिन मैजिस्ट्रेट कोर्ट में मानहानि की शिकायत की है। जिसे रनौत ने याचिका में चुनौती दी है। याचिका में रनौत ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि अख्तर की ओर से की गई शिकायत के बाद मैजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी किए गए सभी आदेश व समन रद्द कर दिए जाएं। 

याचिका में कहा गया है कि इस मामले में आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 202 के तहत मैजिस्ट्रेट को सीधे जुहू पुलिस स्टेशन को जांच का निर्देश देने की बजाय पहले अख्तर की शिकायत व उसमें लिखे गए गवाहों का परीक्षण करना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। अधिवक्ता रिजवान सिद्दकी के माफर्त दायर की गई याचिका में रनौत ने कहा है कि मैजिस्ट्रेट ने इस मामले में जांच के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की बजाय सीधे पुलिस मशीनरी का जांच के लिए उपयोग किया है। जो कि बहुत कम देखने को मिलता है। इस मामले को लेकर जिस तरह से सबूत इकट्ठा किए जा रहे है़, वह सीआरपीसी की धारा 162 के विपरीत है। यदि इस तरह के कामकाज को अनुमति दी गई, तो यह दूसरे मैजिस्ट्रेट के लिए गलत मिसाल पेश करेगा। इसके साथ इससे आरोपी के अधिकार के साथ उसकी स्वतंत्रता भी प्रभावित होगी।

न्यायमूर्ति एसएस शिंदे व न्यायमूर्ति एन जे जमादार की खंडपीठ के सामने रनौत की याचिका पर 26 जुलाई 2021 को सुनवाई हो सकती है। गौरतलब है कि न्यूज चैनल में एक इंटरव्यू के दौरान कही गई बातों के आधार पर रनौत के खिलाफ अख्तर ने मैजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत की है। जिस पर सुनवाई के बाद मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने पहले रनौत को नोटिस जारी किया था। फिर जमानती वारंट जारी किया था। वारंट के बाद रनौत मैजिस्ट्रेट कोर्ट में हाजिर हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने रनौत को जमानत प्रदान कर दी थी। इसके साथ ही कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट भी दी थी। रनौत मैजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के खिलाफ दिंडोशी कोर्ट में भी चुनौती दी थी। लेकिन दिंडोशी कोर्ट ने रनौत के आवेदन को खारिज कर दिया था।

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