दैनिक भास्कर हिंदी: Kanpur: शूटआउट से पहले विकास दुबे ने सिपाही से कहा था- ऐसा कांड करूंगा सब याद रखेंगे, ऑडियो वायरल

July 21st, 2020

हाईलाइट

  • विकास दुबे ने पुलिस को फोन पर दी थी धमकी
  • विकास का भाई दीप प्रकाश अब भी फरार

डिजिटल डेस्क, कानपुर। बिकरू गांव के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और चौबेपुर थाने के एक सिपाही के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में विकास दुबे भयानक वारदात को अंजाम देने की चेतावनी दे रहा है। विकास कह रहा कि ऐसा कांड करूंगा कि सब याद रखेंगे। ऑडियो में वह लगातार अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहा है। दूसरी तरफ से सिपाही जी-जी कहकर बात कर रहा है। बताया जा रहा है कि यह ऑडियो दो जुलाई से पहले का है।

विकास दुबे ने कहा कि ये जो फर्जी मुकदमा लिखवा रहा है देखना बिकरु में इतना बड़ा कांड करूंगा कि लोग इसको याद करेंगे चाहे जिंदगी भर जेल काटनी पड़े। वो मंजूर है या फिर जिंदगी भर फरारी काटनी पड़े। तुमको बता रहा हूं कि अगर कुछ होने की बात भी हुई तो ऐसा कांड करूंगा कि सब याद रखेंगे, चाहे पुलिस की जीप उड़ाना पड़े और यह विकास दुबे का शिकार होगा। इस कांड के बाद उसे पता चलेगा कि उसका पाला विकास दुबे से पड़ा है। 

मामले में तीन पुलिसकर्मियों को किया गया था सस्पेंड
बता दें कि मामले में चौबेपुर थाने के दो दारोगा कुंवर पाल और कृष्ण कुमार शर्मा और एक कॉन्सटेबल राजीव को SSP ने सस्पेंड कर दिया था। कॉल रिकॉर्ड में खुलासा हुआ था कि ये पुलिसवाले विकास दुबे के संपर्क में थे। इससे पहले कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने चौबेपुर के SHO विनय तिवारी को सस्पेंड किया था। बताया जा रहा है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने ही गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना दी थी। बाद में मामले में दारोगा कृष्ण कुमार शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद विकास दुबे के लिए मुखबिरी के आरोप गिरफ्तार दो पुलिसकर्मियों में से एक सब इंस्पेक्टर केके शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। केके शर्मा ने एनकाउंटर में मारे जाने की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। 

आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार हो गया था विकास दुबे
बता दें कि 2 और 3 जून की रात को विकास दुबे और उसके साथियों के साथ हुई मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। दुबे और उसके साथियों ने चौबेपुर पुलिस थाने के अंतर्गर्त आने वाले बिकरू गांव में अपने ठिकाने पर पहुंची पुलिस टीम पर गोलीबारी की थी। पुलिस उप अधीक्षक देवेंद्र मिश्रा, तीन उप-निरीक्षक और 4 कांस्टेबल इसमें शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में दो अपराधी भी मारे गए था। हालांकि, विकास दुबे और उसके अन्य साथी मौके से भागने में सफल रहे थे। हालांकि बाद में एनकाउंटर में विकास दुबे को मार गिराया गया।विकास दुबे के खिलाफ पुलिसकर्मियों की हत्या के अलावा 60 मामले दर्ज थे। 

पुलिसकर्मी के हथियार छीनकर भाग रहा था विकास
मध्य प्रदेश में गिरफ्तारी के ठीक एक दिन बाद विकास दुबे को उत्तर प्रदेश एसटीएफ को सौंप दिया गया था और उसे वापस कानपुर लाया जा रहा था। हालांकि, हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने उस रास्ते पर गोली मार दी थी, जब उसने कार के पलटने के बाद भागने की कोशिश की थी। कानपुर पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर ने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया, जिसके बाद जवाबी गोलीबारी में उसे गोली लग गई। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में 4 पुलसकर्मी भी घायल हुए थे। 

विकास का भाई दीप प्रकाश अब भी फरार
विकास दुबे को तो पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया, लेकिन उसके भाई दीप प्रकाश का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। दीप प्रकाश पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। दीप प्रकाश पर कृष्णा नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। 2-3 जुलाई की रात को बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या के बाद से ही दीप प्रकाश फरार है। उसकी तलाश में यूपी पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है।

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