दैनिक भास्कर हिंदी: शाह ने भाजपा नेताओं के साथ की बैठक, शिवसेना से बनाए रखी दूरी 

September 2nd, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई| प्रदेश के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश प्रदेश भाजपा के नेताओं के साथ एक बैठक की। हालांकि शाह ने भाजपा की सहयोगी शिवसेना से दूरी बनाए रखी। समझा जा रहा था कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शाह शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे। मुंबई के एक दिवसीय दौरे में शाह ने प्रभावदेवी में सिद्धिविनायक मंदिर में सहपरिवार गणेशजी के दर्शन किए। इसके बाद शाह ने मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा के दर्शन किए। शाह बांद्रा पश्चिम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री आशीष शेलार के गणेश पंडाल में गए। इस पंडाल में भगवान बद्रिनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई है। इससे पहले शाह के मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भाजपा के नेताओं की ओर से उनका जोरदार स्वागत किया गया। शाह जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार मुंबई पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर मुंबई भाजपा अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढा, महिला व बाल विकास राज्य मंत्री विद्या ठाकुर, नगर विकास राज्य मंत्री योगेश सागर, सांसद मनोज कोटक और विधायक पराग आलवणी मौजूद थे। 
 

आतंकवाद के ताबूत में ठोकी आखिरी कील

इससे पहले सोलापुर में अमित शाह ने कांग्रेस और एनसीपी पर तंज कसा। शाह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे के गृहनगर में कहा कि अगर भाजपा अपने दरवाजे पूरी तरह खोल दे तो एनसीपी और कांग्रेस में शरद पवार और पृथ्वीराज चव्हाण को छोड़कर कोई नहीं बचेगा। शाह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा एक अगस्त को शुरू की गई 'महाजनादेश यात्रा' के दूसरे चरण के समापन समारोह में भाग लेने के लिए दक्षिण महाराष्ट्र में थे। पवार फिलहाल एनसीपी के अध्यक्ष हैं। वहीं, चव्हाण महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। शाह ने पवार की उपलब्धियों पर सवाल उठाया। उन्होंने कि कृषि मंत्री रहते हुए पवार ने राज्य के लिए क्या किया। 

सिलवासा में विकास परियोजनाओं की शुरुआत

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार को दादर नगर हवेली और महाराष्ट्र के दौरे पर थे। सिलवासा में उन्होंने विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ऐतिहासिक फैसला लिया। अनुच्छेद 370 और 35ए देश के एकीकरण में बाधा थे। मोदी सरकार-2 ने संसद के पहले ही सत्र में ही इन्हें खत्म कर दिया। मोदी के अलावा यह काम कोई और नहीं कर सकता था। अब इससे जम्मू-कश्मीर में विकास के रास्ते खुले हैं। आतंकवाद के ताबूत में हमने अंतिम कील ठोकी है। हर कोई इस फैसले पर सरकार के साथ है, पर कांग्रेस विरोध में है। आज भी राहुल गांधी जो बयान देते हैं, उसकी पाकिस्तान में तारीफ होती है। उनके बयान को पाकिस्तान अपनी याचिका में शामिल करता है। इस पर कांग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए।


 

 

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