पन्ना: छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, पन्ना। हसिये से गर्दन काटने की धमकी देकर छात्रा के साथ दुष्कृत्य किये जाने के प्रकरण में अभियुक्त छोटी ऊर्फ शहीद मुसलमान पुत्र रहमत मुसलमान उम्र २५ वर्ष निवासी ग्राम हरदी थाना धरमपुर को दोषी पाते हुये विशेष न्यायालय के न्यायधीश श्री आर.पी. सोनकर द्वारा सजा सुनाई गई है। अभियुक्त को धारा ३(२)(५)अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम १९८९ के अंतर्गत आजीवन कारावास और २००० हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। इसके अलावा आईपीसी की धारा ४५० में ०५ वर्ष का कठोर कारावास १००० हजार रूपये का अर्थदण्ड, धारा ५०६ में ०६ माह का कठोर कारावास एवं १००० हजार रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। अभियोजन के अनुसार पीडि़ता ने थाना धरमपुर में दिनांक ०६ सितबंर २०१६ को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक २८ अगस्त २०१६ को शाम ५:३० बजे वह अपने घर का दरवाजा लगाकर फट्टी जमींन में बिछाकर पढ़ रही थी तभी हसिया लेकर आरोपी घर के अंदर उसके पास आंगन में आ गया और हसिया गर्दन पर लगाते हुए जान से मारने की धमकी देकर उसका मुँह दबाकर उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया तथा किसको बताने पर जान से मारने की धमकी देकर चला गया। शाम को उसके माता-पिता खेत से वापिस आये तो उसकी पूरी जानकारी दी किंतु माता-पिता द्वारा बदनामी के भय से उसके साथ हुये घटना की सही रिपोर्ट दर्ज न करवाकर चोरी की रिपोर्ट  दिनांक २९ जून २०१६ को लेख कराई गई। उसने घटना के संबंध में अजयगढ़ जाकर पुलिस के बड़े अधिकारियों को जानकारी दी। पीडि़ता की रिपोर्ट पर अभियुक्त के विरूद्ध धरमपुर थानेे में अपराध पंजीबद्ध हुआ। पीडि़ता की एमएलसी अभियोजन द्वारा करवाई गई तथा अभियुक्त से पुलिस द्वारा लोहे का हसिया जप्त किया गया। पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना पूर्ण करते हुये न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक जीतेन्द्र सिंह वैश्य द्वारा साक्षयों को बिंदूवार तरीके से लेखबद्ध कराते हुये अपराध प्रमाणित किया गया। प्रकरण की सुनावाई  पूरी करते हुये विशेष न्यायधीश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम १९८९ न्यायाधीश श्री आर.पी. सोनकर द्वारा दोषी पाते हुये सजा सुनाई गई।