दैनिक भास्कर हिंदी: सोहराबुद्दीन मामला : वकील महेश जेठमलानी ने कोर्ट से की यह मांग

July 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सोहराबुद्दीन मुठभेड मामले को लेकर निचली अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान को भी बांबे हाईकोर्ट अतिरिक्त सबूत के रुप में देखे। शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने बांबे हाईकोर्ट से यह आग्रह किया। जेठमलानी हाईकोर्ट में आईपीएस अधिकारी राजकुमार पंडियन की ओर से पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कोर्ट से निवेदन किया कि निचली अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाहों ने जो बयान दिए है, उसका संकलन करके एक रिपोर्ट देने की अनुमति दी जाए।

पंडीयन को सीबीआई कोर्ट ने  2005 के सोहराबुद्दीन कथित फर्जी मुठभेड़ मामले से मुक्त कर दिया है। सीबीआई के इस फैसले के खिलाफ सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है। इस न्यायमूर्ति एएम बदर के सामने सुनवाई चल रही है। इस दौरान श्री जेठमलानी ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों ने जो बयान दिया है वह मेरे मुवक्किल के पक्ष में है। मेरे मुवक्किल को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। लिहाजा हाईकोर्ट अभियोजन पक्ष के  नए गवाहों के बयान को सबूत के रुप में देखे।

इस पर न्यायमूर्ति ने कहा कि फिलहाल हम यह देख रहे है कि आरोपी अधिकारियों पर आरोप तय किए जा सकते है कि नहीं। ऐसी स्थिति में सबूतों पर कैसे विचार किया जा सकता है? सबूतों का मुद्दा बाद में आएगा। इस सवाल पर श्री जेठमलानी ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने निचली अदालत में कई नए सबूत पेश किए है। जो मेरे मुवक्किल के पक्ष है लिहाजा अदालत उन पर विचार करे। इन दलीलों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने जेठमलानी को गवाहों के बयान को लेकर एक संकलन रिपोर्ट पेश करने की अनुमति दे दी पर साथ ही कहा कि जेठमलानी को अदालत को संतुष्ट करना होगा कि वह कानूनी तौर पर इन अतिरिक्तों सबूतों पर गौर कर सकती है। गौरतलब है कि निचली अदालत में अभियोजन पक्ष के काफी गवाह अपने बयान से मुकर गए है। जेठमलानी चाहते है कि इनके बयान को अदालत के सबूत के तौर पर देखे।