गरमाई की राजनीति: महाराष्ट्र भाजपा ने यूपी के भाजपा सांसद के बयान से झाड़ा पल्ला

May 6th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को अयोध्या में न घुसने देने की उत्तर प्रदेश के भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की धमकी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। राज ठाकरे ने 5 जून को अयोध्या में जाने की घोषणा की है। इस पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस से अपनी भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। जबकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पाटील ने भाजपा सांसद सिंह के बयान से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा कि वह बृजभूषण शरण सिंह का निजी बयान है।  

अपनी भूमिका स्पष्ट करें पाटील-फडणवीसः लोंढे

प्रदेश कांग्रेस के महासचिव तथा मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील को अपने पार्टी के सांसद सिंह की भूमिका पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। लोंढे ने कहा कि राज ने उत्तर भारतीयों को निशाना बनाने की राजनीति की है। मनसे ने  रेलवे परीक्षा देने के लिए आने वाले उत्तर भारती अभ्यर्थियों, फेरीवालों, और सब्जी बिक्रेता गरीब उत्तर भारतीयों से मारपीट की थी। राज हिंदुत्व के मुद्दे को आगे कर रहे हैं। भाजपा ने मनसे के हनुमान चालीसा, लाऊडस्पीकर और महाआरती के मुद्दे को समर्थन दिया है। लेकिन क्या भाजपा को राज के उत्तर भारतीयों के विरोध की भूमिका स्वीकार है? 

हर व्यक्ति को अयोध्या जाने का अधिकारः निरुपम

पूर्व कांग्रेस सांसद संजय निरूपम ने कहा कि मैं भाजपा सांसद बृजभूषण के राज को अयोध्या में न घुसने देने वाले बयान के एक पक्ष से सहमत नहीं हूं। अयोध्या में जाने का अधिकार हर व्यक्ति को है। लेकिन राज जब अयोध्या जा रहे हैं तो इसका मतलब है कि वे हिंदुत्व की परंपरा को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। इसलिए जब राज हिंदुत्व की परंपरा को स्वीकार करने के लिए उत्तर प्रदेश जा रहे हैं तो उन्हें याद रखना चाहिए कि मनसे ने मुंबई में रहने वाले उत्तर भारतीयों को कितना प्रताड़ित किया है। मनसे के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के ऑटोरिक्शा व टैक्सी चालकों और फेरीवालों को कितना मारा है। राज को अध्योध्या जाने से पहले ऐसे उत्तर भारतीयों से माफी मांग कर उन्हें अपने पापों का प्रायश्चित करना होगा।

सिंह को योगी ने चुप रहने को कहा है- पानसे

मनसे के नेता अभिजीत पानसे ने कहा कि राज के खिलाफ बोलकर सिंह लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। लेकिन हम उनकी धमकी को ज्यादा महत्व नहीं देते हैं। पानसे ने दावा किया कि राज को लेकर दिए गए बयान के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंह को फोन करके चुप रहने को कहा है। हालांकि सिंह लगातार राज के खिलाफ बोल रहे हैं। इस पर पानसे ने कहा कि सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह उनकी व्यक्तिगत भूमिका है। हम उनकी व्यक्तिगत भूमिका को महत्व नहीं देना चाहते। पानसे ने कहा कि पूरे देश को पता है कि जो राज बोलते हैं वह करके दिखाते हैं।

शिवसेना ने साधी चुप्पी

वहीं शिवसेना सांसद संजय राऊत भाजपा सांसद सिंह की धमकी के मुद्दे पर टिप्पणी करने से बचते नजर आए। पुणे में राऊत ने कहा कि यह भाजपा का अंतर्गत मामला है। इस बारे में शिवसेना महाराष्ट्र में कोई टिप्पणी नहीं करेगी।
 
भाजपा सांसद सिंह ने क्या कहा था

इससे पहले गुरुवार को दिल्ली में यूपी के चर्चित भाजपा सांसद सिंह ने कहा कि यदि राज अयोध्या में आना चाहते हैं तो उन्हें पहले मुंबई और महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के लिए माफी मांगनी होगी। यदि राज माफी नहीं मांगेंगे तो मैं उन्हें अयोध्या में घुसने नहीं दूंगा। सिंह ने कहा था कि यदि राज गाजे-बाजे के साथ अखबारों में केवल तस्वीर छपवाने के उद्देश्य से आएंगे तो मैं उन्हें उत्तर प्रदेश में घुसने नहीं दूंगा। राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गाली दी थी। अब उनका हृदय परिवर्तन हो गया है। सिंह ने स्पष्ट किया था कि राज को लेकर यह मेरी व्यक्तिगत भूमिका है। यह भाजपा की भूमिका नहीं है।