दैनिक भास्कर हिंदी: गलत आंकड़े पेश कर रही राज्य सरकार, निवेश में पिछड़ा महाराष्ट्र: सावंत

November 11th, 2017

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि निवेश में महाराष्ट्र काफी पिछड़ गया है और इस साल सितंबर तक तीसरे स्थान पर पहुच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार के दौरान निवेश के मामले में महाराष्ट्र हमेशा आगे था और इस दौरान देश में हुए कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का एक तिहाई हिस्सा महाराष्ट्र के हिस्से आया था। लेकिन भाजपा-शिवसेना सरकार के समय महाराष्ट्र में निवेश तेजी से घट रहा है।

सावंत ने कहा कि केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के डिपार्टमेंट आफ इंडस्ट्रीयल पॉलिसी एंड प्रमोशन की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 2015 के दौरान गुजरात में 63 हजार 823, छत्तीसगढ़ में 36 हजार 511 करोड़, कर्नाटक में 31 हजार 544 करोड़ जबकि महाराष्ट्र में 32 हजार 919 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित था। सावंत ने बताया कि 2017 में जनवरी से सितंबर के दौरान कर्नाटक में 1 लाख 47 हजार 625 करोड़ रुपए, गुजरात में 65 हजार 741 करोड़ रुपए और महाराष्ट्र में 25 हजार 18 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव मिला। इन आंकड़ों से साफ है कि गुजरात की तुलना में महाराष्ट्र को एक तिहाई निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश के मामले में पड़ोसी राज्य गुजरात महाराष्ट्र को काफी पीछे छोड़ चुका है। जबकि पहले महाराष्ट्र गुजरात से काफी आगे था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की अक्षमता के चलते राज्य की ऐसी हालत हुई है। 

कांग्रेस नेता ने सरकारी आकड़ों के हवाले से बताया कि महाराष्ट्र में 2010-11 में 27,669 करोड़ रुपये, 2011-12 में 44,664 करोड़ रुपये और 2012-13 में 35,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। उस अवधि में देश के कुल निवेश का केवल 5 फीसदी हिस्सा गुजरात को मिला था। महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना सरकार के आने के बाद निवेश के मामले में हम पिछड़े हैं। 

केंद्र के आंकड़ों से खुली पोल 
सावंत ने कहा कि मेक-इन-महाराष्ट्र के तहत सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की घोषणा की थी। कुछ महीने पहले उन्होंने कहा था कि 1953 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर अमल हो चुका है। फडणवीस सरकार के तीन वर्षों का कार्यकाल पूरा होने पर कहा गया कि राज्य में 1 लाख 29,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। राज्य के उद्योग मंत्रियों ने दावा किया कि देश में हुए कुल विदेशी निवेश का 50 फीसदी महाराष्ट्र में ही हुआ है। लेकिन केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के आकड़ों से महाराष्ट्र सरकार की पोल खुल गई है।