पैकेजिंग में प्लास्टिक का ज्यादा यूज : प्लास्टिक कचरे के मामले में पहले पायदान पर है महाराष्ट्र, इस्तेमाल रोकने 100 करोड़ खर्च करेगा गोदरेज  

July 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारत में हर साल 35 लाख टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है। प्लास्टिक कचरे के मामले में देशभर में महाराष्ट्र पहले क्रमांक पर है। साबून, कास्मेटिक्स जैसी चीजों की पैकेजिंग में बड़े पैमाने पर प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है। इसको देखते हुए कज्यूमर उत्पाद बनाने वाली सुप्रसिद्ध कंपनी  गोदरेज ने प्लास्टिक का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम करने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी अगले तीन साल में कारपोरेट-सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत 100 करोड़ रुपए खर्च करेगी। गोदरेज कंज्यूमर के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुधीर सीतापति ने कहा कि प्लास्टिक कचरा हमारे पर्यावरण के लिए खतरा बनता जा रहा है। पैकेजिंग में प्लास्टिक का विकल्प खोजना मुश्किल है पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हम यह कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि पर्यावरण के प्रति सजग जीवनशैली को प्रोत्साहन देने के लिए कंपनी ने मैजिक ब्रांड के तहत बॉडीवाश व साबुन पेश किया है। इसकी पैकेजिंग में केवल 16 प्रतिशत प्लास्टिक इस्तेमाल किया गया है।

माना जा रहा कि अन्य एफएमसीजी कंपनियां और कारपोरेट भी गोदरेज की पहल पर अमल कर सकते हैं। पर्यावरण को साफ-सुथरा बनाने की मुहिम से जुड़े अफरोज शाह ने गोदरेज के कदम की सराहना की है। संयुक्त राष्ट्र के चैंपियंस ऑफ द अर्थ शाह ने कहा कि प्लास्टिक कचरा बड़ी चुनौती है। प्लास्टिक के इस्तेमाल में सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन और समाज मिल कर काम करेंगे तो नतीजा बेहतर होगा। प्लास्टिक कचरे से निजात के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान कहने से नहीं करने से होगा।