महाराष्ट्र सदन घोटाला : NCP नेता छगन भुजबल उनके बेटे और भतीजे आरोपमुक्त 

September 9th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने  महाराष्ट्र सदन घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता व तत्कालीन समय में राज्य के सार्वजनिक निर्माण कार्यमंत्री रहे छगन भुजबल,बेटे पंकज व भतीजे समीर भुजबल को आरोप मुक्त कर दिया है। इन तीनों के अलावा विशेष न्यायाधीशष एचएस सतभाई ने इस मामले से पांच और लोगों को भी आरोप मुक्त किया है। जिसमें तन्वीर शेख, इरम शेख, गीता जोशी, संजय जोशी, व देवदत्त मराठे का नाम शामिल है। मराठे तत्कालीन समय में सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग के सचिव थे। 

भुजबल सहित सभी आरोपियों ने कोर्ट में दावा किया था उनके खिलाफ इस प्रकरण में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है। उन पर लगाए गए आरोप आधारहीन है। इसलिए उन्हे इस मामले से आरोपमुक्त किया जाए। एसीबी ने भुजबल के खिलाफ साल 2015 में मामला दर्ज किया था। साल 2016 में भुजबल को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। 

न्यायमूर्ति के सामने भुजबल की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता प्रसाद ढाकेफालकर ने दावा किया कि मेरे मुवक्किल पर लगाए गए आरोप गलत आकलन पर आधारित है। सारे आरोप महज अनुमान पर आधारिता है। भले ही जांच एजेंसी ने साल 2016 में  इस मामले को लेकर हजारों पन्नों का लंबा चौड़ा आरोपपत्र  दायर किया है। लेकिन मेरे मुवक्किलों के खिलाफ एसीबी के पास मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है। महाराष्ट्र सदन के ठेके के आवंटन में कोई अनियमितता नहीं हुई है।

इस मामले में सरकारी खजाने को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं एसीबी ने भुजबल के आवेदन का विरोध करते हुए दावा किया था कि चमणकर एटंरप्राइजेस ने भुजबल व उनके परिवारवालों को महाराष्ट्र सदन का ठेका मिलने के बदले उपकृत किया है। साल 2005 में दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन घोटाले का ठेका दिया गया था।  एसीबी के मुताबिक महाराष्ट्र सदन के निर्माण की मूल लागत साढे 13 करोड़ रुपए थी। बाद में इसकी लागत बढकर 50 करोड़ रुपए हो गई।

ठेकेदार चमणकर ने इस मामले में मोटा मुनाफा कमाया। एसीबी के पास आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत है।  इस तर न्यायाधीश ने मामले से जुड़े पक्षों को सुनने के बाद भुजबल सहित मामले से अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया। इससे पहले कोर्ट ने पिछले माह इस मामले से ठेकेदार चमणकर के परिवारवालों को इस मामले से आरोपपमुक्त किया था। इस दौरान कोर्ट ने मामले की जांच को लेकर एसीबी को कड़ी फटकार लगाई थी। 

इस प्रकरण को लेकर शिकायत करनेवाली सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कहा है कि वे निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगी।  

 

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