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हज यात्रा में महाराष्ट्र की वेटिंग लिस्ट सबसे लंबी, 35 हजार आवेदन मिले

हज यात्रा में महाराष्ट्र की वेटिंग लिस्ट सबसे लंबी, 35 हजार आवेदन मिले

डिजिटल डेस्क, नागपुर । हज यात्रा की सब्सिडी समाप्त होने के बाद भी हज यात्रा पर जाने वालों के उत्साह में कोई कमी नहीं हुई। उल्टे आवेदन की संख्या दिन-प्रति-दिन बढ़ रही है। महाराष्ट्र से 35 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। अभी तक लगभग 13 हजार हज यात्रियों का चयन हो चुका है। अंतिम प्रतीक्षा सूची क्लियर होने तक और भी लगभग 4 हजार यात्रियों का चयन होने की उम्मीद महाराष्ट्र हज कमेटी के सीईओ डॉ. मकसूद अहेमद खान ने व्यक्त की।

नागपुर इंबार्केशन सेंटर जाने वाले हज यात्री सेंट्रल तंजीम कमेटी के माध्यम से ही भेजे जाने की डॉ. खान ने मोहम्मद अली सराय में पत्रकार परिषद में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हज कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने गत दिनों हाजी मित्र बनाकर यात्रियों को घर से एयरपोर्ट तक ले जाने की भविष्य में योजना बनाने की प्रेस को जानकारी दी थी। इसी के साथ जिला हज कमेटियों का गठन करने की उन्होंने मंशा व्यक्त की थी। इस योजना पर भविष्य में अमल किया जा सकता है। पत्र परिषद में हज कमेटी ऑफ इंडिया के को-आर्डिनेटर हाजी इब्राहिम शेख, छत्तीसगढ़ हज कमेटी सदस्य मौलाना अजगर मेहंदी, सेंट्रल तंजीम कमेटी अध्यक्ष हाजी अब्दुल कदीर, सचिव हाजी मोहम्मद कलाम आदि उपस्थित थे। 

हज यात्रा सूद के पैसों से नहीं
डॉ. खान ने कहा कि हज कमेटी का आर्थिक व्यवहार बैंक के माध्यम से होता है। जाहिर बात है कि जमा रकम पर ब्याज मिलता है, लेकिन ब्याज की रकम हज यात्रा से जुड़े किसी भी मद पर खर्च नहीं किया जाता। यह रकम हज कमेटी के खाते में जमा होती है। इसे हज कमेटी के कार्यालयीन कामकाज पर खर्च किया जाता है। हज यात्री खुद यात्रा का पूरा खर्च वहन करता है। महाराष्ट्र हज कमेटी अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने सूद के पैसों से हज कराने का वक्तव्य दिया था। अध्यक्ष के बयान पर डॉ. खान ने सफाई दी।

20 हजार की प्रतीक्षा सूची
राज्य में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या के अनुपात प्रति एक हजार पर एक सीट कोटा निर्धारित किया जाता है। महाराष्ट्र से 35 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य का 9 हजार का कोटा तय है। प्रतीक्षा सूची में रखे गए महाराष्ट्र के 4 हजार यात्रियों को जोड़कर 13 हजार का चयन हो चुका है। 20 हजार प्रतीक्षा सूची में है। देश में महाराष्ट्र की प्रतीक्षा सूची सबसे लंबी है। निर्धारित कोटा पूरा नहीं करने वालो राज्यों का शेष कोटा अन्य राज्यों को बहाल किया जाता है। और भी लगभग 4 हजार यात्रियों की प्रतीक्षा सूची क्लियर होने की उम्मीद डॉ. खान ने व्यक्त की।

नागपुर से रहेंगे 3 हजार हज यात्री
नागपुर इंबार्केशन सेंटर से विदर्भ, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 4 जिलों के हज यात्री उड़ान भरते हैं। िवदर्भ के 2000, छत्तीसगढ़ के 400 और मध्य प्रदेश के 550 हज यात्री नागपुर से उड़ान भरेंगे। नागपुर से पहली उड़ान 25 जुलाई को जेद्दाह के लिए रवाना होगी।

मिलते हैं प्रति यात्री 1 हजार रुपए
डॉ. खान ने बताया कि हज यात्रियों से जो रकम ली जाती है, इसमें से एक हजार रुपए हज कमेटी को मिलते हैं। इसके अलावा हज हाउस का डोनेशन जमा होता है। इस रकम से हज कमेटी का खर्च चलता है। हज के लिए आवेदन करने पर 300 रुपए लिए जाते हैं। यह उसी की प्रक्रिया में खर्च होता है। 
 

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