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डॉ महात्मे ने कहा - ई-सिगरेट पर प्रतिबंद लगाने के लिए उठाए जाएं प्रभावी कदम

डॉ महात्मे ने कहा - ई-सिगरेट पर प्रतिबंद लगाने के लिए उठाए जाएं प्रभावी कदम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा में सोमवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने ई- सिगरेट पर रोक के लिए लाए गए इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) प्रतिषेध विधेयक, 2019 का समर्थन करते हुए तंबाकू उत्पादों के सेवन के कारण बड़ी संख्यामें लोगों की मौत होने पर चिंता जताई और इस संबंध में सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। विधेयक पर जारी चर्चा को आगे बढाते हुए महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य डॉ विकास महात्मे ने कहा कि इस विधेयक के प्रावधान से ई-सिगरेट की समस्या जड़ से दूर होगी।

डॉ महात्मे ने कहा कि ई-सिगरेट से जुड़ी कंपनियां चाहती है कि उन्हें लाभ होता रहे। कंपनी के लोग सभी से मिल रहे है मुझसे भी मिलने आए थे। वे देश में सिगरेट स्मोकिंग कम करना चाहिए इसके लिए वे मिलने नही आए थे बल्कि इसलिए आए थे कि उनका प्रॉफिट चलता रहे। कंपनी वालों का यब भी कहना था कि ई-सिगरेट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से माफिया राज बढेगा, लेकिन मेरा कहना है कि ई सिगरेट की ज्यादा मांग नहीं है। यदि इस पर हम आज से प्रतिबंध लगाते है तो वे इसकी मांग पैदा नहीं कर पायेंगे।  

महात्मे ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाए जाने के को लेकर 2019 में इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अध्ययन और डब्ल्यूएचओ के 2014 के कन्वेंशन तय हुई बातों का हवाला दिया। उन्होने कहा कि इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने अपने अध्ययन में स्पष्ट रुप से कहा है कि ई-सिगरेट भारत में पूरी तर बंद होना चाहिए। वहीं डब्ल्यूएचओ के कन्वेंशन में जिस पर भारत ने भी हस्ताक्षर किया है उसमें तय हुआ था कि ई-सिगरेट का प्रभाव सभी देशों को कम करना चाहिए। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति जागरुक इन संस्थानों का कहना हमें मानना ही चाहिए।

महात्मे ने कहा कि ई सिगरेट बंद होने से राजस्व पर असर पडेगा, लेकिन हम तंबाकूजन्य पदार्थों से राजस्व के रुप में जितनी राशि मिलती है, उससे ज्यादा इसके सेवन से होने वाली बिमारियों पर इलाज के लिए खर्च करते है।

 

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