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मालेगांव बम धमाका : एनआईए ऐसे गवाहों को नहीं बुलाएगी जिनके बयान को ढका गया है

मालेगांव बम धमाका : एनआईए ऐसे गवाहों को नहीं बुलाएगी जिनके बयान को ढका गया है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। साल 2008 मालेगांव बम धमाके के मुकदमे की सुनवाई के दौरान निचली अदालत में एक सप्ताह तक ऐसे गवाहों को नहीं बुलाया जाएगा, जिनकी गवाही के रुप में दिए गए बयान को ढका गया है। सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बांबे हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। हाईकोर्ट में इस मामले में आरोपी कर्नल प्रसाद पुरोहित की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई चल रही है। सोमवार को न्यायमूर्ति इंद्रजीत महंती व न्यायमूर्ति एएम बदर की खंडपीठ के सामने पुरोहित की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान एनआईए के वकील संदेश पाटील ने कहा कि मालेगांव बम धमाके के मुकदमे की सुनवाई के दौरान ऐसे गवाहों को गवाही के लिए एक सप्ताह के लिए नहीं बुलाया जाएगा। जिनके नाम व गवाही के रुप में दिए गए बयान को ढका गया है। याचिका में पुरोहित ने मांग की है कि जिन गवाहों के नाम व बयान को ढका गया है उनके बयान की प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जाए। क्योंकि जांच एजेंसी ने इन गवाहों को अपने आरोपपत्र में शामिल किया है। 

सुनवाई के दौरान पुरोहित के वकील श्रीकांत शिवदे ने कहा कि निचली अदालत में ऐसे गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे जिनके नाम व बयान को ढका गया है। इसलिए बचाव पक्ष को इन गवाहों से जिरह का अवसर नहीं मिल रहा है। बचाव पक्ष के मुताबिक ऐसे 199 गवाह है जिनकी पहचान व बयान को जांच एजेंसियों ने ढक कर रखा है। यह अदालत की बिना अनुमति से किया गया है। जो आरोपियों के निष्पक्ष सुनवाई पाने व अपना पक्ष मजबूती के साथ रखने के अधिकार को प्रभावित करता है। 

वहीं एनआईए के वकील संदेश पाटील ने कहा कि अभियोजन पक्ष 22 जुलाई तक उन सभी गवाहों की सूची बचाव पक्ष को सौपेगा जिनकी गवाही पर वह कायम रहनेवाला है। इससे पहले हम ऐसे किसी भी गवाह को नहीं बुलाएगे जिनके बयान व नाम को ढका गया है। 29 सितंबर 2008 को हुए मालेगांव बम धमाके के मामले में 6 लोगों की मौत हो गई थी जबकि सौ लोग घायल हो गए थे। इस मामले में भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर व  कर्नल पुरोहित सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।।

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