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मराठवाड़ा को अभी भी बारिश का इंतजार, जलाशयों में सिर्फ 0.56 फीसदी पानी

मराठवाड़ा को अभी भी बारिश का इंतजार, जलाशयों में सिर्फ 0.56 फीसदी पानी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राजधानी के अलावा कोंकण और पुणे जैसे इलाकों में बरसात के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है लेकिन सूखे की मार झेल रहे मराठवाडा में अभी भी औसत से काफी कम बरसात हुई है। मराठवाडा में फिलहाल जुलाई महिने में होने वाली बारिश के औसत का 54 फीसदी ही बरसात हुई है जो कोंकण, पुणे, नागपुर, अमरावती विभागों से काफी कम है। पिछले साल अब तक अमरावती में जुलाई के पहले सप्ताह तक औसत के मुताबिक 100 फीसदी बरसात हुई थी। 

इस वक्त मराठवाडा के जलाशयों में सिर्फ 0.56 फीसदी पानी बचा हुआ है जबकि पिछले साल इस समय तक जलाशयों में 13.19 फीसदी पानी था। इलाके के कुल नौ बड़े बांधों में सिर्फ नांदेड के निचले मानार बांध में 11.27 फीसदी पानी बचा हुआ है। इसके अलावा सभी बांध लगभग सूख चुके हैं। इस साल हिंगोली जिले में औसत की 41.8 फीसदी और नांदेड जिले में औसत की 42.9 फीसदी ही बरसात हुई है। आठ जिलों में सबसे ज्यादा बरसात औरंगाबाद में औसत की 69.5 फीसदी हुई है। 

नागपुर विभाग में अच्छी बारिश 

कृषि विभाग द्वारा जुटाए आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा बरसात नागपुर विभाग में दर्ज की गई है। जहां औसत से 200.9 फीसदी ज्यादा बरसात हुई है। इसके अलावा मुंबई समेत पूरे कोंकण विभाग में औसत से 151.2 फीसदी ज्यादा बरसात हुई है। अमरावती विभाग में भी 97.6 फीसदी, पुणे विभाग में 92.3 फीसदी, नाशिक विभाग में भी 88.5 फीसदी बरसात हुई है। 

दूसरी तरफ अधिकारियों के मुताबिक मराठवाडा विभाग में आधी तहसीलों में अभी भी बारिश का इंतजार है। सिक्के का सुखद पहलू यह है कि आधी तहसीलों में बरसात हुई है। हालांकि प्रशासन एक और सूखे से निपटने की तैयारी भी कर रहा है। मॉनसून के बावजूद अभी भी राज्यभर में 6298 टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई किया जा रहा है। इनमें से 3148 टैंकर मराठवाडा इलाके में पानी सप्लाई कर रहे हैं। मॉनसून से पहले राज्य में 7014 जबकि मराठवाडा में 3539 टैंकरों की मदद से लोगों तक पानी पहुंचाया जा रहा था।   

 

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