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शादीशुदा प्रेमी ने ही की थी महिला की हत्या - शादी के लिए दबाव बना रही थी मृतका

शादीशुदा प्रेमी ने ही की थी महिला की हत्या - शादी के लिए दबाव बना रही थी मृतका

डिजिटल डेस्क जबलपुर। तिलवारा के बहोरीपार क्षेत्र में खेत के किनारे मिले महिला के शव के संबंध में पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है ।महिला के प्रेमी ने ही उसकी हत्या की थी ।पुलिस ने बताया कि मामले की  पतासाजी करते हुये संदेही रामकिशोर यादव उम्र 40 वर्ष निवासी अपैक्स अस्पताल के पास नेहरू नगर गढ़ा को अभिरक्षा मे ंलेकर कड़ाई से पूछताछ की गयी तो रामकिशोर यादव ने रोशनी साहू की हत्या करना स्वीकार कर लिया । उसने बताया कि लगभग 1 वर्ष पूर्व रोशनी साहू से उसके सम्बंध काम के दौरान बन गये थे । रोशनी उस पर शादी के लिये दबाव बना रही थी एवं रिपोर्ट करने की धमकी दे रही थी ।
घटना स्थल पर भी हुआ विवाद
 वह शादीशुदा है, उसके 2 बेटे हैं, पत्नि को भी रोशनी ने अपने सम्बंधो की जानकारी दे दी थी जिस कारण घर में अक्सर पत्नि से वाद विवाद होता था । वह रोशनी  से वह तंग आ चुका था उसे रास्ते से हटाने के लिये योजना के अनुसार वह 24 अक्टूबर उसे अपने साथ मोटर सायकिल में घुमाने का कहकर  शाम लगभग 6 बजे निगरी नहर के पास सुनसान जगह मे ले गया । यहॉ भी वह साथ मे रहने को लेकर वाद विवाद करने लगी, तो उसने पास ही पड़ा पत्थर उठाकर उसके सिर एवं चेहरे पर कई बार मारा तथा हाथ एवं साड़ी से गाला घोंटकर हत्या कर दी । इसके बाद लाश को घसीट कर झाडियो मे छिपा दिया, तथा रोशनी का मोबाईल तिलवारा पुल से नर्मदा नदी मे फेंक दिया तथा घर पहुंचकर खून लगे हुये कपडे उतारकर घर मे छिपा दिये,। फेके हुये मोबाईल की नर्मदा नदी मे बताये हुये स्थान पर तैराक एंव गोताखोंरो से तलाश करवाई  जो नहीं मिला।
रक्तरंजित कपड़े बरामद
 आरोपी की रामकिशोर यादव की निशादेही पर घटना मे प्रयुक्त मोटर सायकिल, पहने हुये रक्तरंजित कपडे, तथा घटना स्थल से खून लगा पत्थर जप्त करते हुये प्रकरण में रामकिशोर यादव की विधिवत गिरफ्तारी की जाकर मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। 35 साल की रोशनी साहू अपने पिता हेमचंद साहू के साथ रहती थी। वह मजदूरी के लिए ही डिंडौरी से जबलपुर आई थी। रोशनी साहू पिछले कई सालों से काम की तलाश में जबलपुर आती थी। वह 22 अक्टूबर को काम के लिए किसी मिस्त्री के साथ निकली थी। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।