comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

रौनक साधवानी ने दुबई जूनियर शतरंज स्पर्धा पर किया कब्जा, तैराकी में अमित ने पाया गोल्ड

July 04th, 2018 13:29 IST
रौनक साधवानी ने दुबई जूनियर शतरंज स्पर्धा पर किया कब्जा, तैराकी में अमित ने पाया गोल्ड

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय मास्टर रौनक साधवानी ने मौजूदा सत्र में अपनी लय को कायम रखते हुए दुबई जूनियर चेस चैंपियनशिप जीत ली है। रौनक ने स्पर्धा में अपराजित रहते हुए संभावित 9 में से 8.5 अंक हासिल किए। स्पर्धा का आयोजन दुबई चेस एंड कल्चर क्लब द्वारा किया गया था और आयोजकों के विशेष आग्रह पर रौनक उक्त स्पर्धा में खेलने गए।

स्पर्धा के अंडर-14 आयु वर्ग में दुनिया भर के 18 देशों के 140 खिलाड़ियों ने अपनी चुनौती पेश की। इसकी कुल नौ बाजियों में से रौनक ने आठ बाजियों में जीत दर्ज की, जबकि अजरबेजान के ए अहमद के साथ ड्रॉ खेला। दुबई जूनियर चेस चैंपियनशिप से रौनक को 7 ईएलआे रेटिंग अंक का लाभ मिला। उनके पास 2409 ईएलओ रेटिंग अंक है और उन्हें स्पर्धा की शीर्ष वरीयता दी गई थी। स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्हें प्रमाणपत्र, ट्रॉफी और 2000 यूएस डॉलर की नगद राशि देकर सम्मानित किया गया। 

प्रदर्शन से संतुष्ट : रौनक
स्पर्धा के उपरांत अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रौनक ने कहा कि दुबई में मेरा प्रदर्शन संतोषजनक रहा। टॉप सीडेड खिलाड़ी के तौर पर मैंने खिताब जीता है, जो मुझे आने वाले समय में निश्चित रूप से प्रेरित करेगा। रौनक ने कहा कि यह आरंभिक कामयाबी भर है, पर मेरा लक्ष्य ग्रैंड मास्टर बनने का है और मैं इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं। रौनक ने अपनी कामयाबी के लिए अपने कोच ग्रैंड मास्टर स्वप्निल धोपाड़े सहित सभी का आभार माना। 

इधर तैराकी में अमित सावजी को स्वर्ण
स्टार स्पोर्ट्स अकादमी द्वारा प्रियदर्शिनी अभियांत्रिकी के तरणताल पर आयोजित तैराकी स्पर्धा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अमित सावजी ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया। यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार अमित सावजी ने 35 से अधिक आयु वर्ग के बैकस्ट्रोक में प्रथम स्थान हासिल किया। अखिल मंत्री ने इस इवेंट का रजत पदक जबकि सचिन शेंद्रे ने कांस्य पदक जीता। स्पर्धा के दिन नागपुर में हुई भारी बारिश के बाद भी इसको भारी प्रतिसाद मिला। स्पर्धा के प्रतिस्पर्धियों ने स्टार स्पोर्ट्स अकादमी का इस प्रकार के आयोजन के लिए विशेष धन्यावाद दिया। स्पर्धा के दौरान मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल की विशेष उपस्थिति रही।

कमेंट करें
2OMK9
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।