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पत्नी ही निकली डॉक्टर पति की कातिल, कहा- रावण की तरह ही तुम्हारा वध कर दिया

June 16th, 2018 18:35 IST

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। ओमती क्षेत्रातंर्गत भवंरताल गार्डन के पास कृतिका अपार्टमेंट में डॉ. शफात उल्लाह खान की हत्या कर लूट की घटना का पर्दाफाश हो गया। पुलिस के अनुसार पत्नि आयशा ही डॉक्टर पति की हत्या की मास्टर माईंड निकली। मृतक की पत्नी अपने डॉक्टर पति से तंग आ चुकी थी और वह किसी भी तरह उसे रास्ते से हटाना चाहती थी। मृतक की पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि जिस तरह श्रीराम ने रावण का वध किया था उसी तरह मैने भी इसका वध किया है।

क्या है घटना
दिनांक 12-6-18 को थाना ओमती क्षेत्रातंर्गत भवंरताल गार्डन के पास कृतिका अपार्टमेंट में डॉ. शफात उल्लाह खान की हत्या कर लूट की वारदात घटित हुई थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां श्रीमति आयशा खान द्वारा रिपोर्ट करने पर कि शाम करीब 7 बजे दो नकाबपोश लड़कों द्वारा बिजली विभाग के कर्मचारी होना बताकर घर में प्रवेश कर चाकू अड़ा कर मेरे गले की सोने की चेन खींच ली । लुटेरो ने पति से पूछा कि लोन का रूपया कहां रखा है जो बैंक से लाया है और पत्नि डॉ. शफात उल्लाह को बेरहमी से चाकू से मारकर हत्या कर बेटी की कान की बाली, सोने की चेन, नगद 10 हजार रूपए तथा 3 मोबाईल, 3 घड़ियां लूट ली।

डॉक्टर की पत्नी ने बताया कि इसके बाद लुटेरे मेरी बेटी से एक्टीवा की चाबी मांग कर, मुझे एवं बेटी शैफी, तथा नाति शब्बीर अहमद को बाथरूम में बांधकर बंद कर भाग गए है। घटना को गम्भीरता से लेते हुए अनंत कुमार सिंह (भा.पु.से.) पुलिस महानिरीक्षक जबलुपर जोन जबलपुर एवं भगवत सिंह चौहान (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक जबलपुर रेंज जबलपुर भी घटना स्थल पहुंचकर परिवार के सभी सदस्यों एवं रिश्तेदारों से बारीकी से पूछताछ कर पतासाजी के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

ऐसे हुए खुलासा, भतीजी ने बताया सच
विवेचना के दौरान अपार्टमेंट और नीचे चौराहे पर लगे CCTV कैमरों से फुटेज प्राप्त किए गए एवं उसका अवलोकन किया गया तो पाया गया कि 2 लड़के अपार्टमेंट के अंदर मुंह मे नकाब लगाकर प्रवेश किए एवं एक लड़का बाहर दोनों बदमाशों को निर्देश देता हुआ दिखाई दिया। पत्नि आयशा एवं मृतक डॉ शफात उल्लाह खान के रिश्तेदारों के सम्बंध मे पतासाजी की गयी एवं सभी से बारीकी से पूछताछ की गयी। पूछताछ में मृतक के पत्नि की भतीजी नंदनी उर्फ जन्नत खान ने स्वयं को घटना दिनांक को दुआ गुजरात में होना बताया, जबकि तकनीकी रूप से विवेचना मे पाया गया कि घटना दिनांक को नंदनी उर्फ जन्नत खान जबलपुर में ही थी। नंदनी के कथन संदिग्ध लगने पर बारीकी से पूछताछ की गयी तो नंदनी उर्फ जन्नत ने स्वीकार करते हुए बताया कि उसकी बुआ आयशा खान ने डॉ. शफात उल्लाह से सन् 1991 मे प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के बाद से ही आपस सम्बंध ठीक नहीं थे। डॉ के चरित्र को लेकर पति-पत्नि में तनाव बना रहता था एवं तब से लेकर लगातार दोनो पत्नि पत्नि के बीच अनबन बनी रहती थी।

यह थी योजना
नंदनी ने बताया कि डॉ. शफात उल्लाह अपनी पत्नि को किसी प्रकार की बातें नहीं बताया करते थे न ही खर्चे के लिये रूपए देते थे। उक्त प्रकार से आयशा खान ने कुछ माह पूर्व भी पति शफात उल्लाहा खान को रास्ते से हटाने के लिये किसी से बात की थी, किन्तु सफल नहीं हो सकी थी। अपने जीवन शैली से परेशान आयशा खान ने अपनी भतीजी नंदनी से कहा कि डॉक्टर को रास्ते से हटाना है तुम कुछ इंतजाम करो, तो नंदनी ने अपने परिचय के पवन विश्वकर्मा जो वर्तमान मे गुजरात के दुआ मे रह रहा है से यह बात बताई। पवन विश्वकर्मा अपने साथ नंदनी उर्फ जन्नत खान तथा अपने दो साथियों धीरज तथा राजेन्द्र मालवीय को लेकर 12-6-18 को जबलपुर आ गया, एवं दिनांक 12-6-18 को दोपहर 1 बजे टैगोर गार्डन मे जाकर मृतक की पत्नि आयशा खान द्वारा राजेन्द्र मालवीय तथा धीरज से मुलाकात कर शाम को घर आकर डॉक्टर की हत्या करने का प्लान तैयार किया। आयशा खान द्वारा 10 हजार रूपए दोनो लड़कों को दिए तथा काम होने के पश्चात 50-50 हजार रूपए और देने की बात की तथा नंदनी उर्फ जन्नत खान को काम हो जाने के पश्चात 5 लाख रूपए एवं एक फ्लैट देने की बात कही थी।

नंदनी द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर दो टीमें गुजरात एवं सिहोर भेजी गयी। तथा सिहोर से एक आरोपी राजेन्द्र मालवीय पिता देवकरण मालवीय उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम बिसनखेडी थाना इच्छावर, सुजालपुर जिला सिहोर को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ की गयी, जिसने पवन विश्वकर्मा के कहने पर डॉ शफात उल्लाह खान की हत्या योजनाबद्ध तरीके से धन के लालच में अपने साथी धीरज के साथ करना स्वीकार किया। आरोपी पवन विश्वकर्मा एवं धीरज की तलाश हेतु टीमें भेजी गयी है, आरोपियों के शीध्र पकड़े जाने की संभावना है।

 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।