comScore

जागरूकता की लड़ाई जीतने लघु फिल्मों का सहारा, फिल्मी जगत के सितारों ने दिया योगदान

August 19th, 2018 20:28 IST
जागरूकता की लड़ाई जीतने लघु फिल्मों का सहारा, फिल्मी जगत के सितारों ने दिया योगदान

डिजिटल डेस्क, मुंबई। जीवन की नीरसता को दूर करने में सिनेमा बड़ी प्रभावशाली भूमिका निभाता है। सिनेमा एक ऐसा माध्यम जिससे गरीब-से-गरीब व्यक्ति अपने जीवन के सभी अभावों और कटुताओं को कुछ देर के लिए भूल जाता है। इन पंक्तियों से सिनेमा के प्रभाव को समझा जा सकता। पर  एक ऐसा भी शख्स है जो सिनेमा को सिर्फ मनोरंजन नही बल्कि समाज को जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम मानते हुए इसका बखूबी इस्तेमाल कर रहा है। युवा उद्योगपति डॉ अनील काशी मुरारका धूम्रपान, स्वच्छता सहित कई विषयों पर दर्जनों लघु फिल्में बना चुके हैं।    

डॉ मुरारका विभिन्न विषयों पर जागरूकता फैलाने के लिए अब तक 30 लघु फिल्में बना चुके हैं। उनकी इन शार्ट फिल्मों में अमिताभ बच्चन, कंगना राणावत, जैकी श्राफ, दीपक डोबरियाल, प्रिया बापट व रविकिशन जैसे सितारों ने अभिनय किया है। स्वच्छ भारत अभियान को लेकर डॉ मुरारका द्वारा तैयार अमिताभ बच्चन, रविकिशन व कंगना राणावत के अभिनय वाली लघु फिल्म को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  भी ट्वीट कर तारीफ कर चुके हैं।

मुरारका धूम्रपान, ब्रेस्ट कैंसर, आत्महत्या, सफाई सहित हर विषय पर लोगों को जागरूक करने के लिए लघु फिल्में बनाई हैं। ये लघु फिल्में ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रभावित कर सके इस लिए मुरारका की कोशिश होती है कि इन फिल्मों में इंडस्ट्री के जाने पहचाने चेहरे नज़र आये। साथ ही इन लघु फिल्मों से बतौर लेखन-निर्देशन फिल्म उद्योग के जानेमन लोग जुड़े होते हैं। स्वच्छ भारत अभियान पर बनी उनकी लघु फिल्म का निर्देशन सुप्रसिद्ध निर्देशक प्रदीप सरकार ने किया है। 

स्वच्छ भारत अभियान को लेकर ‘जहां सफाई नहीं, वहां लक्ष्मी नहीं’ की थीम पर आधारित उनकी लघु फिल्म प्रधानमंत्री मोदी को इतनी भायी कि भारत सरकार की मांग पर मुरारका ने यह लघु फिल्म उन्हें सौप दी है। जल्द ही यह देशभर के सिनेमा घरों में दिखाई जाएगी। डॉ मुरारका कहते हैं ‘कोई भी अभियान बगैर जनता कि भागीदारी के पूरा नहीं हो सकता और इसके लिए लोंगो को जागरूक करना जरूरी होता है। लघु फिल्में बहुत कम समय में बड़ी बात कह जाती हैं।

इसके माध्यम से हम बगैर किसी प्रवचन की आम लोगों तक अपनी बात पहुंचा पाते हैं।’ धुम्रपान के खिलाफ लोगों को जागरुक करने के लिए बनाई लघु फिल्म ‘11 मिनट’ को लोगों ने खुब पसंद किया। दिपक डोबरियाल, आलोकनाथ और सनी लियोनी के अभिनय वाली 1 मिनट अवधि कि यह फिल्म दर्शाती है कि एक सिगरेट पीने से किस तरह जीवन की अंतिम इच्छा पूरी होने से पहले जीवन का बल्ब बुझ जाता है।    

केमिकल उद्योग से जुड़े डॉ मोरारका समाजसेवा के क्षेत्र में भी खासे सक्रिय हैं।  फिलहाल वे राजस्थान में महिला पुलिसकर्मियों के लिए हॉस्टल और एक पुस्तकालय बना रहे हैं। दर्जनभर पुरस्कारों से सम्मानित मोरारका के लिए समाजसेवा आत्मिक सुख है। डॉ मोरारका का एपल मिशन समाज के सच्चे शूरवीरों का सम्मान भी करता है। मुश्किलों और मजबूरियों पर विजय प्राप्त कर जिन्दगी की लड़ाई जीतने वालों को सम्मानित करने के लिए डॉ मोरारका पुरस्कार समारोहों का भी आयोजन करते हैं। 

कमेंट करें
ESYuo