comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

महीनों पहले गुम हो गए थे मोबाइल, छोड़ दी थी मिलने की उम्मीद, पुलिस ने ढूंढ निकाले

महीनों पहले गुम हो गए थे मोबाइल, छोड़ दी थी मिलने की उम्मीद, पुलिस ने ढूंढ निकाले

डिजिटल डेस्क,नागपुर। जरीपटका क्षेत्र के नागरिकों के गुम हुए 6 मोबाइल पुलिस ने ढूंढ़ निकाले। गुम हुए मोबाइल पाकर नागरिकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सूत्रों के अनुसार जरीपटका थाने में मोबाइल गुम होने की कई शिकायतें दर्ज हैं।  इस मामले को थाने के सिपाही उपेंद्र अकोटकर और सुनील यादव ने मोबाइल फोन को अाधुनिक तकनीक का उपयोग कर खोज निकाला। उसके बाद दोनों पुलिस कर्मियों ने नागरिकों के नाम व पते ढूंढ़  उन्हें थाने बुलाया और उन्हें उनके गुम हुए मोबाइल वापस किए। गुम होने बाद मोबाइल मिलने की उम्मीद नागरिक छोड़ चुके थे। ऐसे में जब थाने से मोबाइल मिलने के बारे में फोन आया और थाने पहुंचे तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। जरीपटका के वरिष्ठ थानेदार पराग पोटे के हाथों नागरिकों को उनके मोबाइल फोन वापिस किए गए।

लाइन में खड़ी  महिला के गले से उड़ाई सोने की चेन

कतार में खड़ी एक महिला के गले से सोने की चेन उड़ाने का मामला सामने आया है। घटना बजाज नगर थाना हद में हुई। फरियादी महिला की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  जानकारी के अनुसार मीना कैलाश रामटेके (51), निवासी आठवां मैल, दवलामेटी रोड, वाड़ी है। शाम को महिला दीक्षाभूमि के दक्षिण द्वार के सामने महाप्रसाद के लिए कतार में खड़ी थी। इसी दौरान अज्ञात चोर ने मौके का फायदा उठाकर महिला के गले से 15 हजार रुपए कीमत की चेन उड़ा दी। कतार से बाहर निकलने के बाद महिला को गले से चेन गायब होने का अहसास हुआ। उसने तुरंत बजाज नगर पुलिस स्टेशन पहुंचकर घटना की जानकारी दी।

गाड़ी फिसलने से युवक की मौत

गाड़ी फिसलने से एक युवक की मौत हो गई। घटना हिंगना थाना अंतर्गत हुई। पुलिस ने सूचना के आधार पर आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है। मृतक किसना वासुदेव कंगाले (35), निवासी वणी, हिंगना है। घटना के दिन रात 9.30 बजे वह अपने दोपहिया वाहन क्र.-एम.एच.-31-ए.यू.-6206 से घर लौट रहा था। मोहगांव झिल्पी मार्ग पर वह गाड़ी का संतुलन खो बैठा और गाड़ी फिसलने से वह बुरी तरह जख्मी हो गया। जख्मी अवस्था में उसे लता मंगेशकर अस्पताल ले जाया गया। मंगलवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। फरियादी राजेन्द्र घनशाम कंगाले (30) की सूचना पर आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया।

कमेंट करें
A1kWS
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।