दैनिक भास्कर हिंदी: गाड़ियों की लेट-लतीफी के चलते दिसंबर में नागपुर विभाग से 11 करोड़ 47 लाख टिकटें कैंसिल

January 5th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। रेल पटरियों की मरम्मत के लिए जगह-जगह पर लिये जा रहे ब्लॉक व कोहरे के कारण गाड़ियों की लेट-लतीफी के चलते दिसंबर माह में बड़ी संख्या में टिकटें कैंसिल कराई गई हैं। मध्य रेलवे नागपुर मंडल की बात करें तो 11 करोड़ 47 लाख से ज्यादा रुपए की टिकटें कैंसिल हुई हैं। इसमें सबसे ज्यादा नागपुर स्टेशन से कैंसिल हुई हैं। कुल 9 करोड़ 14 लाख की टिकटें यहीं से यात्रियों ने रद्द कराई हैं।

गौरतलब है कि वैसे तो दिसंबर के शुरुआत से ही ठंड पड़ने लगी थी। माह के आखरी में शीतलहर व कोहरे का सामना करना पड़ा। पहाड़ी इलाकों में अभी भी कोहरा बना हुआ है। ऐसे में दिसंबर माह के 10 दिनों के बाद से गाड़ियों की लेट-लतीफी शुरू हुई है। नागपुर स्टेशन पर ज्यादात्तर उत्तर दिशा से आनेवाली गाड़ियां घंटों विलंब से पहुंची हैं। यहीं नहीं जगह-जगह रेलवे के तीसरी लाइन का निर्माण के लिए ब्लॉक लिये जा रहे हैं। जिसके चलते भी मुंबई व हावड़ा से आनेवाली गाड़ियों को रोकते- रोकते चलाया जा रहा है। ऐसे में गाड़ियों के इंतजार में परेशान यात्रियों ने दूसरे वाहनों का सहारा लेने में ही भलाई समझी है।

आंकड़ों की बात करें तो नागपुर विभाग से दिसंबर माह में 1 लाख 51 हजार 8 सौ 26 यात्रियों ने टिकटें कैंसिल की गई हैं। जिसके कारण रेलवे की तिजोरी से 11 करोड़ 42 लाख 74 हजार 342 रुपये वापस करना पड़ा है। इसमें सबसे ज्यादा नागपुर स्टेशन से टिकटें कैंसिल हुई है। उपरोक्त महीने में नागपुर स्टेशन से 1 लाख 13 हजार 586 यात्रियों ने टिकट कैन्सीलेशन किया है। जिसके बदले में 9 करोड़ 14 लाख 52 हजार 820 रुपये वापस किये हैं। औसतम राशि की बात करें तो प्रति महीना नागपुर विभाग से 9 करोड़ रुपयों की टिकटें कैंसिल बर्थ नहीं मिलने से या अन्य कारणों से होती हैं, लेकिन दिसंबर माह में इस आंकड़े को पार कर गया। 

नवंबर का आंकड़ा भी हैरान करने वाला 
नवंबर माह में दिवाली के कारण यात्रियों की संख्या बहुंत ज्यादा थी। लेकिन गाड़ियां कम रहने से मुंबई व पुणे के लिए जगह के लिए मारामारा थी। जिसके कारण गजब की कैन्सीलेशन हुई है। नवंबर माह में नागपुर विभाग से 12 करोड़ 45 लाख की टिकटें कैंसिल हुई हैं। वही नागपुर स्टेशन से 9 करोड़ 77 लाख रुपयों से ज्यादा की टिकटें कैंसिल कराई हैं।
 

खबरें और भी हैं...