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स्वच्छता ऐप पर 1.5 लाख से ज्यादा कोविड से संबंधित शिकायतों का समाधान किया गया

January 12th, 2021 17:10 IST
स्वच्छता ऐप पर 1.5 लाख से ज्यादा कोविड से संबंधित शिकायतों का समाधान किया गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय स्वच्छता ऐप पर 1.5 लाख से ज्यादा कोविड से संबंधित शिकायतों का समाधान किया गया, कोविड-19 से संबंधित नौ अतिरिक्त श्रेणियों के साथ फिर से ऐप को पेश किया गया स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में 12 करोड़ से ज्यादा लोगों ने भाग लिया सीवर और सेप्टिक टैंकों की जोखिम भरी सफाई पर रोक और मशीनयुक्त सफाई को प्रोत्साहन देने के लिए सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज शुरू किया गया, वर्तमान में इस पर 244 शहरों में काम हो रहा है 50 से ज्यादा स्मार्ट सिटीज में मौजूद कमान सेंटर्स को कोविड-19 वार रूम्स में बदला गया, बेंगलुरु स्मार्ट सिटी में 24 घंटों में मॉडल कोविड वार रूम तैयार किया गया कोविड अस्पतालों, चिकित्सा अवसंरचना, वस्तु एवं सेवाओं की आवाजाही की निगरानी, लॉकडाउन संबंधी प्रबंधन, संक्रमित मरीजों के सुदूर उपचार और परामर्श के लिए स्मार्ट सिटीज में विकसित किए गए एकीकृत डैशबोर्ड स्मार्ट सिटीज में वायरस संक्रमित लोगों के संपर्कों का पता लगाने, नजर रखने और निगरानी के लिए वेब आधारित मोबाइल ऐप्लीकेशन विकसित किए गए हैं पीएमएवाई-यू के अंतर्गत लगभग 20,000 घरों को कोविड केन्द्रों के रूप में इस्तेमाल किया गया अमृत शहरों में 93 लाख पेयजल नल कनेक्शन और 59 लाख सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए गए लॉकडाउन के दौरान 50,000 से ज्यादा एसएचजीएस द्वारा 14 राज्यों में शहरी निराश्रितों के लिए बने आश्रय स्थलों में 7 करोड़ मास्क, मुफ्त भोजन, सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई स्वनिधि योजना के अंतर्गत 50 लाख रेहड़ी पटरी वालों ने लाभ लिया- 33.6 लाख से ज्यादा कर्ज आवेदन प्राप्त हुए- 17.6 लाख कर्जों को स्वीकृति दी गई और 12.7 लाख लोगों को कर्ज वितरित किए गए व्यापक सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं का लाभ देने को पीएम स्वनिधि लाभार्थियों का सामाजिक-आर्थिक रिकॉर्ड तैयार किया गया शहरी प्रवासियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए पीएमएवाई-यू के अंतर्गत एक उप योजना के रूप में पेश की गई कम किराये वाली आवासीय परिसर योजना Posted अभी तक पीएमएवाई के अंतर्गत 1.09 करोड़ से ज्यादा घरों को स्वीकृति दी गई - 70 लाख से ज्यादा घरों में विभिन्न चरणों में निर्माण जारी है, 40 लाख घरों की डिलीवरी हुई 18 शहरों में 702 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क परिचालन में आया और 27 शहरों तक हो रहा विस्तार- प्रतिदिन रिकॉर्ड 85 लाख सवारी का आंकड़ा हासिल किया (कोविड से पहले) आत्म निर्भर भारत- भारत की कंपनियों को 1,000 से ज्यादा मेट्रो/ आरआरटीएस कोच के ऑर्डर मिले छोटे शहरों के लिए अनुकूल मेट्रो लाइट और मेट्रो नियो के लिए विनिर्देश जारी किए डेबिट/क्रेडिट कार्ड उपकरणों के बड़े स्तर पर स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड पेश किया गया - डीएमआरसी की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर पूरी तरह से एनसीएमसी को लागू किया गया दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन पर चलाई गई पहली पूर्ण स्वचालित चालक रहित ट्रेन, इससे मानवीय गलती की संभावनाएं होंगी खत्म और मिलेगा परिचालन संबंधी लचीलापन वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर “शहरी यातायात में उभरते रुझान” विषय पर 13वें भारतीय शहरी यातायात सम्मेलन का आयोजन किया गया - 1,000 से ज्यादा विशेषज्ञों ने की वैश्विक भागीदारी लगभग 60,000 रियल एस्टेट परियोजनाएं और 46,000 रियल एस्टेट एजेंट पंजीकृत हुए नया संसद भवन जीवंत लोकतंत्र का प्रदर्शन करने वाली आधुनिक आइकन इमारत होगी - इसमें बनी आलीशान केंद्रीय संवैधानिक गैलरी तक जनता की पहुंच होगी ई-सम्पदा- 28 शहरों में एक लाख से ज्यादा सरकारी आवासों के आवंटन से जुड़ी प्रक्रियाओं के सरलीकरण और देश भर में एकरूपता लाने के लिए सुशासन दिवस पर पेश किया गया नया वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप 60,000 से ज्यादा एलएंडडीओ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और विश्वसनीयता लाने, जीवन सुगमता सुनिश्चित करने के लिए ई-धरती जिओ पोर्टल का शुभारंभ किया गया दिल्ली मास्टर प्लान- 2041 से टिकाऊ, रहने योग्य और जीवंत दिल्ली को प्रोत्साहन मिलेगा पारदर्शिता, दक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सीपीडब्ल्यूडी में ईआरपी को लागू किया जा रहा है ऑनलाइन निर्माण परमिट जारी करने की सुविधा देने के लिए 2,101 कस्बों में ऑनलाइन 2004-2014 की तुलना में 2014-21 के दौरान बीते सालों में शहरी क्षेत्र में कुल निवेश 627 प्रतिशत तक बढ़ गया है। शहरी अवसंरचना के निर्माण और सुधार तथा नागरिकों के लिए सुगम जीवनशैली सुनिश्चित करने के लिए 2004-14 के दौरान हुए 1.5 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 12 लाख करोड़ रुपये (लगभग) की धनराशि खर्च हुई है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।