बारिश में भीगा गरीबों का पीडीएस का चावल, बोरियों में लगी फफूंद: 50 हजार बोरियों में अधिकांश भीगी, खराब चावल की सप्लाई की आशंका

July 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, हरपालपुर। नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों एवं रैक पॉइंट के परिवहन ठेकेदार की लापरवाही के चलते पीडीएस चावल की हजारों बोरियां बारिश के पानी में भीग गईं। इसके बाद बारिश में भीगी बोरियों को आनन फानन में ट्रकों में लोड कर गोदामों में भेजा जा रहा है। सवाल यह है कि भीगे हुए एवं सड़ांध मार रहे चावल को लोग सुरक्षित कैसे रख पाएंगे। पूर्व में भी जिले में सार्वजनिक वितरण की दुकानों पर गरीबों को वितरण के लिए आए चावल की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो चुका है।

नगर के रेलवे स्टेशन पर मंडला की मां शारदा राइस मिल से 42 बोगियों की मालगाड़ी में 50 हजार बोरी चावल शनिवार सुबह 6 बजे आया है। यह चावल छतरपुर जिले में राशन की दुकानों पर पीएम कल्याण योजना पीडीएस के तहत गरीबों में वितरण के लिए आया है। शनिवार को दिन एवं रात में हुई झमाझम बारिश में रेलवे स्टेशन के रैंक पॉइंट पर खुले में रखा 2600 टन चावल भीग गया। बारिश से बचाव के लिए इंतज़ाम समय से नहीं करने से चावल की बोरियां पूरी तरह पानी मे भीग गई। हालांकि बारिश से बचाव के लिए बोरियों पर कवर डाले गए थे। लेकिन इससे बोरियां सुरक्षित नहीं रह सकीं। परिवहन ठेकेदार द्वारा समय से चावल का परिवहन नहीं करने से हजारों क्विटंल चावल खराब होने की आशंका। सैकड़ों चावल की बोरियों में पानी में भीगने से फफूंद लगी है। इससे सड़न की बदबू आ रही है। उस के बाद भी नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को खराब हुए चावल की चिंता नहीं है। खराब चावल को श्रमिकों एवं पल्लेदारों को लगाकर ट्रकों में लोड कर सरकारी गोदामों, वेयरहाउसों में भेजा जा रहा है। पीडीएस के तहत अब गरीबों को अधिक मात्रा में चावल का वितरण किया जा रहा है, जबकि गेहूं की मात्रा कम कर दी गई है। ऐसे यदि गरीबों को ये खराब हुआ चावल राशन के रूप में वितरण किया जाता है तो उन्हें परेशानी होना तय है।

मुझे अभी ऐसी जानकारी नहीं है

मेरे संज्ञान में अभी बारिश में चावल भींगे का मामला सामने नहीं आया हैं फिर भी हम इस को देखवाते हैं।
-रिंकी साहू, जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, छतरपुर
बारिश से सुरक्षा न होना चिंता की बात
मानसून सीजन में बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए, आरआई और पटवारी पटवारी को भेजकर दिखवाते हैं। अगर गड़बड़ी मिली तो वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करेंगे।
-सुनीता साहनी, नौगांव,तहसीलदार