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मोबाइल हैक कर खाते से निकाले 41.50 लाख, आरोपी का नहीं मिला सुराग

मोबाइल हैक कर खाते से निकाले 41.50 लाख, आरोपी का नहीं मिला सुराग

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अजीत बेकरी के संचालकों में एक का मोबाइल नंबर हैक कर बैंक खाते से किसी ने करीब 41 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए गए। प्रकरण को ऑनलाइन अंजाम दिया गया है। अभी तक आरोपी का सुराग नहीं मिला है। तकनीकी जानकार और उद्योजक का ही कोई परिचित व्यक्ति होने का कयास लगाया जा रहा है। धंतोली थाने में सोमवार की रात प्रकरण दर्ज किया गया है। रामदासपेठ निवासी अवंति अभिराम देशमुख (48) उद्योजक अजीत बेकरी के संचालक की पुत्री हैं। धंतोली क्षेत्र के सारस्वत बैंक में उनके दो खाते हैं, जिसमें से एक खाता ए.आर.फूड नाम से है। कारोबार से संबंधित लाखों रुपए का लेन-देन इन्ही खातों से होता है। अवंति और उनके पति अभिराम के मोबाइल नंबर भी रजिस्टर्ड हैं। 28 से 30 सितंबर के बीच किसी ने अभिराम के नाम से पुणे में बीएसएनएल के कार्यालय में फोन किया। मोबाइल चोरी होने का झांसा देकर अभिराम के नाम से दूसरा मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इससे अभिराम के मोबाइल का नंबर बंद हो गया। इसके बाद आरोपी ने उनके खातों से 41 लाख 50 हजार रुपए की रकम निकाल ली।

इन बैंकों में जमा की गई रकम

निकाली गई रकम जाफर खान के एचडीएफसी, समीर सिंह के आंध्रा बैंक, डीजी इंटरप्राइजेस डेवलपमेंट क्रेडिट खाताें, वंदना देवी और इंडिया फर्स्ट ट्रेडिंग कंपनी के आईसीआईसीआई खातों में जमा की गई। नंबर बंद होने से अभिराम को भी इस धोखाधड़ी का तत्काल पता नहीं चल। मोाबइल नंबर बंद होने की शिकायत जब अभिराम ने बीएसएनएल में दर्ज कराई गई, तब लाखों रुपए के गबन का खुलासा हुआ। इससे अजीत बेकरी के संचालकों में हड़कंप मच गआ। आरोपी तकनीक का मास्टर माइंड होने का कयास लगाया जा रहा है। धंतोली थाने में प्रकरण दर्ज कर साइबर सेल की मदद से मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

खुद के नाम पर अभिराम की आईडी दी

घटित प्रकरण को जिस तरह से अंजाम दिया गया है, उससे आरोपी उद्योजक का परिचित होने का संदेह है। क्योंकि आरोपी ने अभिराम का नंबर बंद करने के बाद जब दूसरा मोबाइल नंबर प्राप्त िकया, तब खुद की बताकर अभिराम की आईडी प्रूफ संबंधित कंपनी को दी है। निरीक्षक विजय आकोत ने आरोपी को बहुत जल्द िगरफ्तार करने का दावा किया है। 


 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।