दैनिक भास्कर हिंदी: मुंबई : 10 लाख की शराब बरामद, दूसरे मामले में बेटे की बीमारी-मौत की फर्जी कहानी सुना ठगी करने वाले गिरफ्तार

August 30th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य उत्पादन शुल्क विभाग (आबकारी) ने पश्चिमी उपनगर जोगेश्वरी में छापामार कर 10 लाख रुपए की अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोग मौके से भागने में कामयाब रहे। आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के अधिकारियों ने सांताक्रुज से जेठालाल नाम के व्यक्ति को अंग्रेजी शराब ले जाते पकडा था। इस व्यक्ति के पास से ब्लैक लेबल ब्रांड की 6 बोतल व्हीस्की बरामद की गई थी। जेठालाल से पूछताछ के बाद आबकारी विभाग के अधिकारियों को जोगेश्वरी में मिलावटी अंग्रेजी शराब तैयार किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद जोगेश्वरी के मजासवाडी इलाके में छापा मारकर कर अंग्रेजी शराब की 460 बोतलें बरामद की गई। बरामद शराब की कीमत 10 लाख 66 हजार रुपए बताई गई है। यह शराब ड्यूटी फ्री के नाम पर महानगर के पॉश इलाकों में रहने वालों को सस्ती कीमतों पर बेची जाती थी। जबकि यह शराब विदेशी ब्रांड वाली शराब की खाली बोतलों में भर तर तैयार की जाती थी। आबकारी विभाग का कहना है कि इस तरह की मिलावटी शराब सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। इस लिए विभाग ने लोगों से अपील की है कि अधिकृत दुकानों से ही शराब खरीदे।           

बेटे की बीमारी-मौत की फर्जी कहानी सुना ठगी करने वाले गिरफ्तार

बेटे के एक्सिडेंट और मौत की फर्जी कहानी सुनाकर एक व्यापारी से ठगी करने वाले दो आरोपियों को सायन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले इलाज के नाम पर 47500 रुपए लिए फिर बेटे मौत का दावा करते हुए एंबुलेंस के नाम पर 92 हजार लेकर व्यापारी को अस्पताल बुलाया। लेकिन शक होने के बाद व्यापारी ने मामले की जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सलीम नवीवाला (50) और नवीनचंद्र पांड्या (65) हैं। किसी को शक न हो इसलिए सलीम खुद को पुलिसवाला जबकि पांड्या अपने को डॉक्टर बताता था। मामले में ठगी के शिकार हुए वल्लभभाई सुधाणी (62) मीरारोड के सिल्वरपार्क इलाके में रहते हैं। दोनों आरोपी उनके पास पहुंचे और दावा किया कि वे गुजरात में रहते हैं। पांडया ने बताया कि उनके बेटे का मुंबई में एक्सिडेंट हो गया है और उनके पास फिलहाल इलाज के पैसे नहीं हैं। पैसे लौटाने का वादा करते हुए सुधाणी से 47500 रुपए ले लिए। पांड्या ने बताया था कि उसका बेटा बोरिवली के एक अस्पताल में भर्ती है। लेकिन सुधाणी ने उसे देखने की इच्छा जताई तो आरोपियों ने बताया कि हालत बेहद गंभीर होने चलते पांड्या के बेटे को सायन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। यही नहीं बाद में पांड्या ने सुधाणी को बताया कि इलाज के दौरान उनके बेटे की मौत हो गई और शव गुजरात ले जाने के लिए 92 हजार रुपयों की और जरूरत है। सुधाणी पैसे देने सायन अस्पताल पहुंच गए लेकिन आरोपियों की हरकतों से उन्हें शक हो गया। उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दे दी। इसके बाद सायन पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। सीनियर इंस्पेक्टर ललिता गायकवाड ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में इसी तरह चार और लोगों को चूना लगाने की बात स्वीकार की है। मामले की छानबीन की जा रही है।   

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