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फिर सामने आई घोर लापरवाही, दलित बस्ती की निधि अन्य बस्तियों में कर दिए खर्च

फिर सामने आई घोर लापरवाही, दलित बस्ती की निधि अन्य बस्तियों में कर दिए खर्च

डिजिटल डेस्क, नागपुर। प्रशासकीय कामकाज का सत्यानाश अक्सर उसके अपने विभाग द्वारा ही किया जाता है। लापरवाही ऐसी-ऐसी सामने आती है कि सरकार के लाखों रूपए बर्बाद हो जाते हैं मामला सिर्फ जांच में अटका रह जाता है। हाल ही में ऐसा ही एक मामला जिला परिषद में सामने आया है, जिसमें दलित बस्ती विकास कार्यक्रम से मंजूर निधि अन्य बस्ती में खर्च कर दिया गया। समाज कल्याण अधिकारी के आदेश पर गट विकास अधिकारी ने जांच कर नियमबाह्य काम किए जाने की रिपोर्ट जिला परिषद को दी। इसके बाद सभापति की शिकायत पर सहायक गट विकास अधिकारी ने जांच कर नियम के अनुसार काम किए जाने की रिपोर्ट जिला परिषद को दी है। गट विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट को सहायक गट विकास अधिकारी द्वारा गलत ठहराए जाने से जिला परिषद प्रशासन में खलबली मच गई है। 

जांच में हुई पुष्टि
नरखेड़ तहसील के ढवलापुर ग्राम पंचायत में दलित बस्ती विकास कार्यक्रम अंतर्गत नाली निर्माणकार्य के लिए 4 लाख और सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रुपए निधि मंजूर किया गया था। नियम के अनुसार दलित बस्ती में काम करना अपेक्षित था, परंतु नियम को किनारा कर अन्य बस्ती में निधि खर्च किया गया। निधि का दुरुपयोग किए जाने पर समाज कल्याण विभाग से शिकायत की गई। शिकायत के आधार पर समाज कल्याण अधिकारी सुकेशिनी तेलगोटे और गट विकास अधिकारी के दल ने जांच की। जांच में नियमबाह्य काम किए जाने की पुष्टि की गई। इसके बाद जिला परिषद की ओर से सहायक गट विकास अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए। सहायक गट विकास अधिकारी ने गट विकास अधिकारी की रिपोर्ट को झुठलाते हुए नियम के अनुसार काम किए जाने की रिपोर्ट दी। 

वरिष्ठ, कनिष्ठ के बीच टकराव
दोनों अधिकारी की रिपोर्ट परस्पर विरोधी आने से वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारी के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। कनिष्ठ अधिकारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारी की रिपोर्ट को झुठलाने से मामले को रफा-दफा करने के लिए रिपोर्ट मैनेज किए जाने की चर्चा है। इस मामले में निर्माणकार्य को मंजूरी देने वाले कनिष्ठ अभियंता भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। 
 

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