कुकरेजा के कार्यालय में तोड़फोड़ : निशाने पर जरीपटका पुलिस दबाव में काम करने का आरोप

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जरीपटका में भाजपा के नगरसेवक विक्की कुकरेजा के कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले को लेकर राजनीति गर्माने लगी है। सोमवार को भाजपा व कांग्रेस ने इस मामले को लेकर अलग-अलग पत्रकार वार्ता ली। दोनों दलों ने जरीपटका थाने की पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप लगाए हैं। प्रकरण दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं  किया जा रहा है। 

पालकमंत्री का दबाव : भाजपा

भाजपा ने आरोप लगाए हैं कि, पालकमंत्री नितीन राऊत के दबाव में जरीपटका पुलिस ने तोड़फोड़ के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। शहर अध्यक्ष प्रवीण दटके ने कहा- भाजपा पार्षद के कार्यालय में तोड़फोड की गई। पुलिस, पार्षद पर ही प्रकरण दर्ज कर बैठी है। आरोपी, अपराधी बाहर और पीड़ित अंदर की स्थिति बनी है। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि, सब जानते हैं कि, मकोका के आरोपी के साथ किसका बेटा घूमा और वह अपराधी किसके बंगले में रहा  है। कार्यालय मे तोड़फोड़ के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो मंगलवार को भाजपा जरीपटका पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन करेगी। उसके बाद प्रभाग के कार्यकर्ता प्रतिदिन थाने के सामने प्रदर्शन करेंगे। पूर्व विधायक मिलिंद माने ने कहा कि, पालकमंत्री ने पद का दुरुपयोग कर पुलिस पर दबाव डालकर कुकरेजा के विरुद्ध एट्रॉसिटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कराया है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि, राऊत को मंत्री पद से हटाए। 

बेटे ने रचा राजनीतिक षड़यंत्र

विक्की कुकरेजा ने कहा कि, पहले भी बाबू खान की शिकायत पुलिस से की गई थी। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। तोड़फोड़ की घटना को लेकर भी करीब 4 घंटे तक निवेदन करने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि, पालकमंत्री के पुत्र कुणाल राऊत ने उनके विरुद्ध राजनीतिक षड़यंत्र रचा है। पत्रकार वार्ता में संजय भेंडे, महेंद्र धनविजय, संजय चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

सामाजिक तनाव फैलाने का प्रयास किया

अखिल भारतीय कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा के समन्वयक अनिल नगरारे ने कहा है कि, मामले को लेकर सामाजिक तनाव फैलाने का प्रयास भाजपा ने किया है। पुलिस ने काफी देर बाद कुकरेजा के विरुद्ध एट्रॉसिटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया, लेकिन कुकरेजा को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, इस मामले में जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया तो कांग्रेस विदर्भ स्तर पर प्रदर्शन करेगी। बाबू खान ने कहा है कि, वे सामान्य नागरिक के नाते कुकरेजा के कार्यालय में जनसमस्या लेकर गए थे, लेकिन कुकरेजा ने इसे राजनीति से जोड़ दिया। खान ने यह भी कहा कि, उसने कभी किसी से रुपयों की मांग नहीं की है। रुपयों के लिए प्रदर्शन करने के आरोप निराधार है। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अतुल लोंढे व सोशल मीडिया विभाग के प्रमुख विशाल मुत्तेमवार भी उपस्थित थे। महिला व नागरिकों ने कहा कि, कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप निराधार है। 

भाजपा नेता और मनपा स्थायी समिति के पूर्व सभापति विक्की कुकरेजा ने अग्रिम जमानत के लिए सत्र न्यायालय में गुहार लगाई है। विक्की कुकरेजा पर पुलिस ने विनयभंग समेत एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी की संभावना को देखते हुए कुकरेजा ने सोमवार को सत्र न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका पर 3 मार्च को सुनवाई होगी। न्यायालय में कुकरेजा की ओर से  अधि. उदय डबले और अधि. प्रफुल्ल मोहगांवकर पक्ष रखेंगे।