दैनिक भास्कर हिंदी: अगले साल जनवरी में शुरु होगा नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग का काम

October 4th, 2017

डिजिटल डेस्क, मुंबई। नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग इसका काम अगले साल जनवरी से शुरू हो जाएगा। कई अड़चनों के बावजूद परियोजना की नोडल एजेंसी महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम यानी एमएसआरडीसी ने इसकी उम्मीद जताई है। हालांकि ये परियोजना 30 महीने (जून 2020) तक पूरी होगी। साथ ही नागपुर से मुंबई तक सफर के लिए करीब 700 रुपए टोल देने होंगे। बुधवार को सार्वजनिक निर्माणकार्य मंत्री (सार्वजनिक उपक्रम) एकनाथ शिंदे ने कहा कि किसान खुद अपनी जमीन परियोजना के लिए देना चाहते हैं। अधिग्रहण से जुड़ी सारी गलतफहमी दूर होने के बाद किसान खुद ही संपर्क कर जल्द प्रक्रिया पूरी करने की गुजारिश कर रहे हैं। 

दिसंबर तक होगा 75 फीसदी जमीन अधिग्रहण का काम

701 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के लिए कुल 8531.50 हेक्टेयर में अभी तक सिर्फ 603.54 की खरीद प्रक्रिया पूरी की जा सकी है। जिसके लिए किसानों को 407 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। हालांकि शिंदे दावा कर रहे थे 2750 हेक्टेयर और जमीन देने के लिए किसान सहमत हैं और 350 लोगों की टीम अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले किसी भी शख्स के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही दावा किया कि जिस गति से काम चल रहा है इस साल दिसंबर तक 75 फीसदी जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो जाएगा।

नागपुर में सबसे ज्यादा जमीन अधिग्रहण

परियोजना के लिए सबसे बड़ा हिस्सा नागपुर में अधिग्रहित किया गया है। यहां कुल 207 एकड़ में से 44 फीसदी जमीन (92 हेक्टेयर) अधिग्रहित की गई है। इसके बाद वर्धा में करीब 22 फीसदी जमीन (137 हेक्टेयर) का अधिग्रहण हुआ है। अमरावती में 10 फीसदी, वाशिम में छह फीसदी (75 हेक्टेयर ), औरंगाबाद में सिर्फ 0.64 फीसदी (10 हेक्टेयर), नाशिक में 8 फीसदी (98 हेक्टेयर) अधिग्रहण हुआ है सबसे कम सिर्फ 0.29 फीसदी (0.99 हेक्टेयर) जमीन अधिग्रहण अहमदनगर में हुआ है। इसके अलावा बुलढाणा में 2076 फीसदी (35 हेक्टेयर), जालना में 1.90 फीसदी (9 हेक्टेयर) और ठाणे में करीब 5 फीसदी (28 हेक्टेयर) जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है।