दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर, मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवड 31 मार्च तक बंद, जीवनावश्यक वस्तुओं को छोड़ सभी स्थानों पर तालाबंदी

March 20th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रदेश के मुंबई, नागपुर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगर में सभी दुकानें और कार्यालयों को 31 मार्च तक बंद रखा जाएगा। इन चारों शहरों में केवल जीवनावश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगे। यानि किराना, अनाज, दूध व मेडिकल की दुकानें और बैंक खुली रहेंगी। प्रदेश सरकार का यह फैसला शुक्रवार मध्यरात से ही लागू होगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण के माध्यम से यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर, पुणे, पिंपरी-चिंचवड और मुंबई के महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडी) क्षेत्र के सभी इलाकों के लिए यह फैसला लागू होगा। उन्होंने कहा कि मुंबई में उपनगरीय लोकल ट्रेनों और बसों को बंद नहीं किया जाएगा। लोकल ट्रेनें और बसें शहर की रक्तवाहिनी हैं। अगर लोकल ट्रेनों और बसों को बंद किया गया तो जीवनावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों का परिवहन करना मुश्किल हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चार शहरों में पाबंदी को लेकर अगर कोई समस्या हुई तो लोग जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त से बात कर सकते हैं। 

संकट की घड़ी में मानवता का साथ न छोड़े

मुख्यमंत्री ने अपील कि है की पाबंदी लागू होने के कारण जिन संस्थान और कार्यालयों को बंद रखना पड़ रहा है, ऐसी जगहों के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बंद न किया जाए। सभी लोगों से यह मेरा आग्रह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट आते हैं और चले जाते हैं लेकिन संकट में मानवता बनाए रखनी चाहिए। इसलिए लोगों को मानवता नहीं छोड़ना चाहिए। हम मानवता से ही कोरोना वायरस के युद्ध को जीत सकते हैं।

यह सैर-सपाटे कि छुट्टी नहीं है

मुख्यमंत्री ने पाबंदी के दौरान घुमने वालों को भी अगाह किया है। कहा-पाबंदी मतलब घुमने की छुट्टी नहीं है। यह आप लोगों के हित के लिए लगाया गया एक बंधन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से किए गए आह्वान के बाद सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ में काफी कमी आई है। लेकिन अगले 15 दिनों तक ध्यान रखने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकल ट्रेनों और बसों की भीड़ कम हो रही है लेकिन यदि सरकार को लगा कि जरूरत के मुताबिक भीड़ में कमी नहीं आ रही है तो मजबूरन लोकल ट्रेनों और बसों की सेवा को भी बंद करना पड़ेगा। लेकिन मुझे विश्वास है कि महाराष्ट्र की जनता समझदार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से सरकार लड़ रही है लेकिन सरकार को लोगों के सहयोग की जरूरत है। लोगों के सहयोग के बल पर ही सरकार यह लड़ाई जीतेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं कोरोना वायरस के बारे में वीडियो के माध्यम से जागरूकता संदेश देने वाले बॉलीवुड और खेल जगत की हस्तियों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

होम क्वारंटाइन के लिए आगे आए गृहनिर्माण सोसायटीयां : ठाकरे

उधर नागपुर के जिलाधीश रवींद्र ठाकरे ने कोरोना की रोकथाम के लिए गृह निर्माण सोसायटीयों को आगे आने का आह्वान किया। प्रशासन की तरफ से हरसंभव कदम उठाए जा रहे है। विदेश से आए हर व्यक्ति को क्वारंटाइन किया जा रहा है, लेकिन भूल से भी किसी की जांच रह गई तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते है। इसलिए गृह निर्माण सोसायटीयों ने आगे आकर ऐसे लोगों को होम क्वारंटाइन करना चाहिए। गृह निर्माण सोसायटी या फ्लैट में रहनेवालों ने अपने यहां विदेश से लौटे लोगों का क्वारंटाइन हुआ या नहीं यह सुनिश्चित करना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि विदेश से लौटे हर शख्स को क्वारंटाइन सेंटर ले जाया जा रहा है। भूल वश कोई रह गया हो और इसकी जानकारी फ्लैट या गृह निर्माण सोसायटी में रहनेवाले लोगों को हो, तो ऐसे लोगों का होम क्वारंटाइन करना चाहिए। इसकी सूचना प्रशासन को देनी चाहिए। 

इन्हें मिली है छूट

पेट्रोल पंप, किराणा दुकानें, साप्ताहिक बाजार व सब्जी बिक्री की सभी छोटी दुकानें नियमित रूप से शुरू रहेगी। रेल्वे स्टेशन, एयरपोर्ट व बसस्थानक भी निरंतर शुरू रहेंगे।

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