हाईकोर्ट: नाग नदी मामले में नागपुर मनपा को फटकार, कब हटेगा अतिक्रमण

February 13th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नाग नदी के अतिक्रमण को हटाने के मामले में मनपा समेत जिला प्रशासन और राज्य सरकार से हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। अतिक्रमण को हटाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा कोर्ट में रखने का आदेश भी दिया है। इस मामले में न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे और न्यायमूर्ति अनिल पानसरे ने मनपा को दो  सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। नाग नदी में बढ़ते प्रदूषण और नदी किनारे के अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान याचिका ली है। इस याचिका को साल 2020 में जनहित याचिका  में रूपांतरित किया गया है। याचिका पर सुनवाई के दौरान अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई और प्रदूषण बढ़ाने वाली बस्तियों को हटाने को लेकर कार्रवाई की जानकारी अदालत ने मांगी। अतिक्रमण के चलते नाग नदी का किनारा छोटा होता जा रहा है। इसके साथ ही परिसर के अतिक्रमणकारी नाग नदी में कचरा डालकर प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। अदालत ने गंभीर रुख अख्तियार करते हुए नाग नदी किनारे के अतिक्रमण को तत्काल हटाने की कार्रवाई कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मनपा की ओर से अधि. जेमिनी कासट ने पक्ष रखा। 

नदी, नाले किनारे बसे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई ठंडी पड़ी

हाईकोर्ट के आदेश पर जोर-शोर से शुरू की गई नदी, नाले किनारे बसे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ठंडी पड़ गई है। हाईकोर्ट ने फिर मनपा प्रशासन और सरकार से जवाब मांगा है कि कितने दिन में अतिक्रमण साफ होगा। अब मनपा प्रशासन की नींद उड़ गई है। नदी, नाले किनारे निर्माणकार्य करने तथा मवेशियों के गोठे बनाने से नदी के पात्र की चौड़ाई कम हो गई है। नदी में कचरा फेंके जाने से कई जगह प्रवाह बाधित होकर बारिश के दिनों में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। पानी का बहाव रुक जाने से किनारे की बस्तियाें में पानी भर जाता है। इस संकट से राहत के लिए हाईकोर्ट ने नदी, नाले किनारे बसे अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर मनपा प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की औपचारिकता निभाई। अब कितने दिन में अतिक्रमण साफ होगा, यह जवाब मांगने से मनपा प्रशासन हड़बड़ा गया है।