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यूनिवर्सिटी में फिर सामने आई गड़बड़ी , एडवांस के नाम पर दिए 18 करोड़ का हिसाब नहीं

यूनिवर्सिटी में फिर सामने आई गड़बड़ी , एडवांस के नाम पर दिए 18 करोड़ का हिसाब नहीं

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा और अन्य कार्यों के लिए दिए गए एडवांस की रकम से जुड़ी एक आर्थिक लापरवाही सामने आई है। 31 मार्च 2019 के पूर्व नागपुर विश्वविद्यालय ने जो एडवांस रकम जारी की, परीक्षा का एडवांस एडजस्ट करने के बाद भी  उसमें से करीब 18 करोड़ 2 लाख रुपए का हिसाब अभी तक विश्वविद्यालय को नहीं मिला है। यही कारण है कि इसे आउट स्टैंडिंग रकम के रूप में रखा गया है। परीक्षा रिजल्ट के नाम पर दिए गए 6.72 करोड़ रुपए के एडवांस  का भी हिसाब विश्वविद्यालय को नहीं मिला है। पिछले वर्ष यह बकाया रकम 9 करोड़ 50 लाख 58 हजार 698 रुपए थी।

ऑडिटर ने कहा लापरवाही है
हाल ही में सामने आई विश्वविद्यालय की ऑडिट रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। ऑडिटर ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही बताते हुए जल्द से जल्द हिसाब मिलाने की सलाह दी है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार यह आउट स्टैंडिंग रकम लंबे समय से एडजस्ट नहीं की गई है। दरअसल नागपुर विश्वविद्यालय की शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन परीक्षाएं संपन्न होने के बाद से रिजल्ट तैयार होने तक की पूरी प्रक्रिया के लिए ऑन स्पॉट वैलुएशन इंचार्ज की नियुक्ति की जाती है। परीक्षा से जुड़े कामकाज के लिए उन्हें एक मोटी रकम एडवांस के रूप में दी जाती है। अंत में ये इंचार्ज विश्वविद्यालय में सारा हिसाब बिलों के साथ जमा करते हैं और शेष रकम विश्वविद्यालय को लौटा देते हैं। 

संबंधितों ने नहीं दिया हिसाब
नागपुर विश्वविद्यालय अपने कर्मचारियों के लिए, प्रिंटिंग और अन्य विविध कार्यों के लिए भी एडवांस जारी करता है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार बीते कुछ समय में विश्वविद्यालय द्वारा दी गई एडवांस रकम में से 25 करोड़ 26 लाख 603 रुपए का हिसाब ही विश्वविद्यालय के पास है।  शेष 18 करोड़ 2 लाख 8 हजार 446 रुपए का हिसाब अभी भी संबंधित व्यक्तियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नहीं दिया है। प्रशासन को जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करने की जरूरत है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।