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‘दैनिक भास्कर’ कॉन्टेस्ट के विजेताओं के नाम घोषित, किया पुरस्कृत

‘दैनिक भास्कर’ कॉन्टेस्ट के विजेताओं के नाम घोषित, किया पुरस्कृत

डिजिटल डेस्क,नागपुर। दैनिक भास्कर द्वारा शुरू किए गए डीबी कॉन्टेस्ट के विजेताओं के नाम हाल ही में घोषित किए गए। कॉन्टेस्ट के 4 विजेताओं को मंगलवार को ‘दैनिक भास्कर’ कार्यालय में पुरस्कृत किया गया। अन्य तीन विजेताओं को जल्द ही बुलाकर पुरस्कृत किया जाएगा। पहले कॉन्टेस्ट के विजेता कलमना निवासी योगेश एम. गुप्ता रहे। दूसरे कॉन्टेस्ट की विजेता हुड़केश्वर रोड स्थित पिपला गांव निवासी दिशा घनश्याम कनोजे रहीं। तीसरे कॉन्टेस्ट की विजेता कोराडी निवासी  शिवानी जुगलकिशोर पोद्दार रहीं, जबकि चौथे कॉन्टेस्ट के विजेता श्रीकृष्ण नगर, वाठोडा ले-आउट निवासी गोविंद मोहोड़ रहे। इस दौरान इस कॉन्टेस्ट के सभी विजेताओं ने ‘दैनिक भास्कर’ की सराहना की। उन्होंने अखबार में दी जाने वाली जानकारी को काफी उपयोगी बताया। 

यह था कॉन्टेस्ट  
इस कॉन्टेस्ट में पाठकों से हर सप्ताह एक सवाल पूछा गया था। सवाल के जवाब ई-मेल के माध्यम से देने थे। हजारों पाठकों ने इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और सही जवाब दिए। इनमें से सही जवाब देने वाले 4 कॉन्टेस्ट के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। 

वरिष्ठ नागरिकों ने पुराने सदाबहार गीत किए पेश
दीपावली के पावन पर्व पर उत्साही सूर समूह और स्वरवेध के संयुक्त तत्वावधान में वरिष्ठ नागरिकों के लिए शहर के चुनिंदा वरिष्ठ गायक कलाकारों द्वारा हाल ही में सीताबर्डी स्थित सोहम संस्थान में पुराने सदाबहार गीतों का शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सूर निरागस हो..., इस मराठी गीत से हुई। गायक कलाकार उदय लाडसावंगीकर और डॉ. मोहन शनवारे और साथियों ने इसे  प्रस्तुत किया।

एक से बढ़कर एक पुराने सदाबहार गीतों को प्रस्तुत किया गया। जिनमें गायिका कृष्णा कपूर ने मुझे किसी से प्यार हो गया..., प्रभा घुले ने  सोहम हर डमरू बाजे...., डा. प्रफुल मोकदम ने आसमां पे है खुदा...., नंदू अंधारे ने कहना है, कहना है..., वैशाली पावसणकर ने बलमा मानेना...,सुधीर मेश्राम ने जरा नजरों से कह दो जी..., मृणाल मोकदम ने जिथे सागरा धरणी..., प्रकाश खोत और नीलिमा मोहिते ने दीवाना हुआ बादल..., उदय लाडसावंगीकर ने मधुबन में राधिका नाचे रे..., डॉ. मोहन शनवारे ने घन घन माला..., डा. शीला कुलकर्णी ने जाता कहां है दिवाने...,  त्रिभुवन मेश्राम ने लाखों हैं निगाह में..., डा. मोहन सुभेदार ने हमदम मेरे मान भी जाओ..., अरुण नलगे ने नाचे मन मोरा..., के अलावा तीन मेडली भी प्रस्तुत की गईं। इस कार्यक्रम की संकल्पना डॉ. एड. भानुदास जी कुलकर्णी की थी। कार्यक्रम में उद्घोषिका श्रद्धा भारद्वाज ने अपनी मधुर आवाज और विशेष शैली में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम में सिन्थेसाइजर गोविन्द गडीकर, सचिन बक्षी और एड. भानुदास कुलकर्णी ने तबला, अजित पाध्ये ने हार्मोनियम, पंकज यादव ने ढोलक, सुभाष वानखेड़े ने आॅक्टोपैड और गिटार पर गौरव टांकसाले ने गायकों का साथ दिया। 

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