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चंद्रकांत पाटील के कारण भाजपा में शामिल नहीं हो पाए राणे 

चंद्रकांत पाटील के कारण भाजपा में शामिल नहीं हो पाए राणे 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भाजपा के वरिष्ठ नेता व फडणवीस मंत्रिमंडल में नंबर दो कि हैसियत रखने वाले राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील के कारण पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे भाजपा में शामिल नहीं हो पाए। यह खुलासा महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष के मुखिया व राज्यसभा सांसद राणे ने खुद अपने आत्मचरित्र में किया है। राणे ने किताब में सीधे पाटील का नाम लिए बिना नंबर दो की हैसियत वाले मंत्री के रूप में उल्लेख किया है। राणे ने लिखा है कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की बेटी के विवाह में मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनके ही विमान में गया था। इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मुझे भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया था। मैंने मुख्यमंत्री से कहा कि मैं इस तरह का फैसला जल्दबाजी में नहीं कर सकता। इसके बाद कुछ दिनों में मुख्यमंत्री ने मुझे अपने सरकारी आवास वर्षा पर बुलाया। मुख्यमंत्री ने मुझसे कहा है कि आप भाजपा में आएंगे तो महाराष्ट्र अथवा दिल्ली में आप जो पद चाहेंगे वो दिया जाएगा। उन्होंने मुझे भाजपा में शामिल होने के ऑफर पर विचार करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि इस बैठक के बाद लगातार मुख्यमंत्री मेरे संपर्क में थे। मुख्यमंत्री मुझे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलाने के लिए अहमदाबाद में ले गए। इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल के नंबर दो के मंत्री (पाटील) मेरे पास मुख्यमंत्री और शाह का संदेश लेकर आते रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय परिवहन मंत्री नितीन गडकरी से भी मेरे भाजपा में प्रवेश के बारे में चर्चा हुई। लेकिन इस दौरान शिवसेना काफी बेचैन हो गई थी। शिवसेना ने भाजपा को सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी पर मुझे मालूम था कि शिवसेना सत्ता के बिना नहीं रह सकती है। शिवसेना के धमकी के बाद भाजपा में भी बेचैनी देखने को मिली। मैंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया। इससे बाद मेरे घर पर टैक्सी से चक्कर मारने वाले भाजपा के नेता गायब हो गए। भाजपा के वरिष्ठ नेता (पाटील) को लगा कि उनके पास जितने भी बड़े विभाग हैं वह मुझे (राणे) को मिल जाएंगे। राणे ने कहा कि पार्टी के हित के लिए मुझे भाजपा में शामिल होने का आग्रह करने वाले ये नेता मुझे भूल गए। उन्होंने अपना जला हुआ घर बचाने की कोशिश की। 

दूसरी ओर राणे के इस्तीफे के बाद शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के घर छोड़ने की धमकी पर शिवसेना नेता व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी ने कहा कि मैं यह बात पहली बार सुन रहा हूं। उन्होंने कहा कि राणे जिस दल में 25 साल तक रहे। उसके के खिलाफ बोलना उचित नहीं है। जिस दल में रहे उसी दल के नेतृत्व के बारे में टिप्पणी करना यह व्यक्ति के स्तर के बारे में पता चलता है। इसके बाद राणे ने जोशी को जवाब देते हुए मेरे, उद्धव और बालासाहब के बीच हुई घटना के बारे में जोशी को कुछ नहीं पता है। जोशी को जिस बारे में पता नहीं है उस पर नहीं बोलना चाहिए। उन्हें इस विवाद में नहीं पड़ना चाहिए। इससे पहले राणे के किताब से यह बात सामने आई थी कि राणे के शिवसेना छोड़ने के बाद उनके दोबारा पार्टी में शामिल होने के मुद्दे पर शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने पिता तथा शिवसेना प्रमुख दिवंगत बालासाहब ठाकरे को पत्नी रश्मी ठाकरे के साथ घर छोड़ने की धमकी दी थी। 

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