दैनिक भास्कर हिंदी: नौतपा शुरु : अकोला के बाद महाराष्ट्र में नागपुर दूसरा सबसे गर्म, 3 दिन तक रेड अलर्ट

May 25th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। संतरानगरी का तापमान साेमवार को 47 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। इसके पहले लगातार बढ़ रही गर्मी को ध्यान रखकर मौसम विभाग सोमवार सुबह ही जिले के लिए 3 दिन तक रेड अलर्ट जारी कर चुका है। जिससे स्पष्ट है कि फिलहाल तापमान कम होने वाला नहीं है। विदर्भ के अकोला और चंद्रपुर जिले के लिए भी रेड अलर्ट जारी है। जिसके सोमवार शाम को अकोला का तापमान 47.4 दर्ज किया गया। अकोला के बाद महाराष्ट्र में नागपुर दूसरा सबसे गर्म शहर है। ऐसे में मौसम विभाग ने एहतियात बरतने की सलाह दी है। 

नौतपा हुआ आरंभ

सोमवार से नौतपा आरंभ हो गया है। नौतपा के पहले दिन ऐसी मान्यता है कि नौतपा में सबसे अधिक गर्मी पड़ती है। इस बार के नौतपा पहले दिन से ही तपना शुरु हो गया है।

क्या कहते हैं आंकड़े

मई में अब तक अधिकतम तापमान

23 मई 2013 में 47.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

पिछले साल मई माह में अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

लू के थपेड़े 

रविवार को अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़त होने से अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत तापमान से 3.8 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, रविवार को न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार को न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़त होने से 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम है। 

सोमवार सुबह से तेज धूप के बाद गर्म हवा चलने लगी। इन दिनों लू के थपेड़े लग रहे हैं, जो दोपहर में बढ़ जाते हैं। फिलहाल गर्मी कम होने की संभावना नहीं है। रेड अलर्ट जारी होने की वजह से गर्मी और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में जब भी घर से बाहर निकलें, तो शरीर को कपड़े से ढक कर रखें और पानी सहित अन्य तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। मौसम विभाग ने भी अगले 2 से 3 दिन तामपान बढ़ने की आशंका जताई है। अमरावती, गोंदिया, वर्धा और यवतमाल जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

रेड अलर्ट का मतलब 

तापमान बढ़कर जब 47 डिग्री सेल्सियस के करीब होने लगता है, तो मौसम विभाग रेड अलर्ट जारी करता है। इस दौरान गर्मी की वजह से चक्कर, बेहोशी, डायरिया आदि बीमारियों की आशंका बनी रहती है। इतना ही नहीं मेहनत का काम करने वाले या धूप में काम करने वालों को दोपहर में काम टालने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस दौरान कभी भी कोई सामान्य व्यक्ति बीमार पड़ सकता है, रेड अलर्ट जारी होने पर प्रशासन एक्शन मोड में आता है। इस गर्मी पक्षियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। गर्मी की वजह से कई बार उनकी मौत भी हो जाती है।