दैनिक भास्कर हिंदी: विदर्भ में राकांपा, शिवसेना से भी आगे रहे निर्दलीय, ताकतवार नेताओं को पछाड़ निकले

October 26th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विधानसभा चुनाव में विदर्भ में राकांपा व शिवसेना से भी बेहतर प्रदर्शन निर्दलीयों का रहा। इन निर्दलीयों की अगली भूमिका देखने योग्य होगी। विदर्भ में विधानसभा की 62 में से 8 सीटें निर्दलीयों ने जीती है। भाजपा 44 से लुढ़कर 29 पर आ गई है। कांग्रेस ने दहाई के आंकड़े की उछाल मारते हुए 15 सीट जीत ली है। शिवसेना के 4 विधायक थे। अब भी 4 ही चुने गए हैं। राकांपा का यहां केवल एक विधायक था। अब उनकी संख्या 5 हो गई है। निर्दलीयों की खासियत रही है कि उन्होंने ताकतवर समझे जाने वाले उम्मीदवारों को पराजित किया है।

रामटेक सीट से निर्दलीय आशीष जैस्वाल ने भाजपा के डी.मलिकार्जुन रेड्‌डी को पराजित किया है। जैस्वाल शिवसेना के नेता रहे हैं। गोंदिया में निर्दलीय विनोद अग्रवाल ने भाजपा के गोपाल अग्रवाल को पराजित किया है। विनोद अग्रवाल भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे हैं। गोपाल अग्रवाल कांग्रेस की टिकट पर 3 बार विधायक रहे हैं। विधानसभा में लोकलेखा समिति के सभापति भी रहे हैं। अग्रवाल को पूर्व विदर्भ में कांग्रेस का प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। इस बार उन्होंने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था। निर्दलीय विनोद अग्रवाल ने उन्हें 30 हजार मतों के अंतर से पराजित किया। चंद्रपुर से दो बार भाजपा विधायक रहे नाना शामकुले को निर्दलीय किशोर जोरगेवार ने पराजित कर दिया है।

जोरगेवार ने कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा। भंडारा में निर्दलीय नरेंद्र भोंडेकर चुनाव जीते हैं। भोंडेकर शिवसेना के विधायक भी रहे हैं। इस बार उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को पराजित किया। मोर्शी में निर्दलीय देवेंद्र भुयार ने भाजपा उम्मीदवार अनिल बोंडे को पराजित किया है। बोंडे कृषिमंत्री रहते हुए पराजित हुए हैं। अचलपुर में बच्चू कड़ू लगातार चौथी बार निर्दलीय चुनाव जीते हैं। अमरावती जिले की बडनेरा सीट ने निर्दलीय रवि राणा ने तीसरी बार जीत पायी है। कडू व राणा राजनीतिक संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं। मेलघाट में निर्दलीय राजकुमार पटेल ने 38 हजार मतों के अंतर से बाजी मार ली है। उन्होंने भाजपा के रमेश मावसकर को पराजित किया। पटेल पहले भाजपा के ही विधायक थे। मावसकर प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृति लेकर चुनाव लड़े थे। 

 

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