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नये पर्यटन सीजन में भी न्यू भेड़ाघाट सड़क नहीं बन सकी, 2 साल बाद भी कसर बाकी

नये पर्यटन सीजन में भी न्यू भेड़ाघाट सड़क नहीं बन सकी, 2 साल बाद भी कसर बाकी

9 किलोमीटर की सड़क को 18 माह में बनकर तैयार हो जाना था, अब भी कई जगह उलझन में फँसी
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
जबलपुर में चाहे शहरी सीमा में हो या फिर बाहर और संभाग के दूसरे जिलों तक निर्माण की कोई भी प्रक्रिया बिना तकलीफ दिये पूरी हो नहीं सकती है। खासकर सड़क का निर्माण बड़ी कवायद से गुजरने के बाद ही पूरा होता है, उसमें भी तय समय में तो निर्माण पूरा हो ही नहीं सकता है। बानगी के तौर पर क्षेत्र के एक प्रमुख पर्यटन केन्द्र न्यू भेड़ाघाट की सड़क को ही लिया जा सकता है। यह मार्ग बीते 2 सालों से अधिक समय से कुछ चौड़ा, डामरीकृत किया जा रहा है लेकिन अब तक इस काम को अंजाम तक नहीं पहुँचाया जा सका है। लंबा वक्त गुजरने के बाद भी इस मार्ग के पूरा बनने में अभी कसर बाकी है। अब सड़क निर्माण में  देरी का यह कारण बताया जा रहा है कि डुड़वारा गाँव के पास इस सड़क के हिस्से में  किसानों का विवाद है। इस हिस्से में  100 मीटर के करीब सड़क नहीं बन पा रही है। इसी तरह दो हिस्से और हैं जहाँ पर डामरीकरण नहीं हो सका है। सड़क पूरी न होने से पर्यटन के नये सीजन में भी इस हिस्से में परेशानी बरकरार है। इस मार्ग के निर्माण में पहले बरसाती नालों में पुलिया निर्माण में देरी हुई। इस वजह से सड़क कुछ समय तक फँसी रही, जब इस समस्या का समाधान हो गया तो अब कुछ और उलझने हैं जो मार्ग निर्माण गति को प्रभावित कर रही हैं। वैसे इसके निर्माण की गति कभी बेहतर नहीं रही, जिससे यह काम बड़ी समस्या न होने से भी लंबा खिंच गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कहते हैं कि दो से तीन माह में इसका काम पूरा हो जाएगा। जहाँ अभी कुछ भूमि को लेकर उलझन है वहाँ सीमांकन कराकर समस्या का समाधान जल्द पूरा होगा। काम तेज गति से पूरा किया जाएगा।
इसके बनने से क्या लाभ 
 इस मार्ग के पूरे बन जाने से नर्मदा के दूसरे हिस्से में पर्यटकों, नर्मदा परिक्रमावासियों, ग्रामीणों को जाने में आसानी होगी। आमतौर पर प्राकृतिक, नैसर्गिक सुंदरता देखने में जो आदमी अभी परहेज कर देता है वहाँ पर जाना इसके निर्माण के बाद  आसान हो सकता है। अभी तक केवल 12 फीट चौड़ी सड़क थी जो अब सोल्डर सहित 30 फीट चौड़ी सड़क यहाँ पर मिलेगी। न्यू भेड़ाघाट में इस सड़क के बन जाने से ज्यादा पर्यटक दीदार के लिए सहजता से पहुँच सकते हैं। पर्यटक संख्या बढऩे से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी फायदा मिलेगा। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।