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लेयर ट्रांसपोर्ट प्रणाली काे मिली एनएचएआई की हरी झंडी, एक ही पिलर पर रहेंगे मेट्रो ट्रैक व फ्लाइओवर

लेयर ट्रांसपोर्ट प्रणाली काे मिली एनएचएआई की हरी झंडी, एक ही पिलर पर रहेंगे मेट्रो ट्रैक व फ्लाइओवर

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  नागपुर में देश की पहली 4 लेयर ट्रांसपोर्ट प्रणाली का मार्ग प्रशस्त हो गया है। महामेट्रो नागपुर के फ्लाईओवर और मेट्रो मार्ग के लिए कामठी रोड पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 573 करोड़ के प्रस्ताव को बिना शर्त मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित चार-परत संरचना कामठी रोड पर आएगी। यह संरचना नागपुर मेट्रो रेल परियोजना के रीच-2 खंड का हिस्सा है, जो सीताबर्डी इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन से ऑटोमोटिव चौक मेट्रो स्टेशन तक फैला हुआ है। रीच-2 में थ्रू डक्ट की कुल लंबाई 7.23 किमी तक है। फ्लाईओवर के निर्माण की कुल लंबाई 5.3 किमी है। जो अपने आप में अलग तरह का होगा। 

बता दें कि इस परियोजना में एक ही पिलर पर मेट्रो ट्रैक और फ्लाईओवर रहेंगे इससे निर्माण में लगने वाले धन की भी बचत होगी। प्रस्तावित फ्लाईओवर और मेट्रो ट्रैक का हिस्सा "राइट ऑफ वे'- एक खंभे पर बनाई जाने वाली 2 संरचनाएं। फ्लाई-ओवर एलआईसी चाैक से शुरू होगी और ऑटोमोटिव चौक पर खत्म होगा। इसमें चार लेवल हैं जिसमें सबसे नीचे कामठी रोड, दूसरे लेवल पर नागपुर-भोपाल रेलवे लाइन, तीसरे लेवल पर फ्लाईओवर और चौथे लेवल पर मेट्रो वायडक्ट है जिस पर मेट्रो गुजरेगी। मेट्रो के माध्यम से डक्ट की अधिकतम ऊंचाई गड्डीगोदाम से गुरुद्वारे तक होगी, जहां सड़क के ऊपर से रेल लाइन गुजरती है।

फ्लाईओवर की अधिकतम ऊंचाई 14.9 मीटर गड्डीगोदाम में होगी जहां रेलवे लाइन सड़क पार करती है। इसी प्रकार स्ट्रेच के माध्यम से डक्ट की अधिकतम ऊंचाई 24.8 मीटर भी उसी स्थान पर होगी। फ्लाईओवर की कुल लागत 573 करोड़ आंकी गई है। कामठी रोड पर यातायात के प्रवाह को देखते हुए इस संरचना की आवश्यकता है। यह कई ट्रैफिक जंक्शनों के साथ शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। यह मार्ग वाराणसी और हैदराबाद के दो प्रमुख शहरों को जोड़ता है। यहां पर शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक स्थान, सिनेमा हॉल, मॉल सभी हैं।

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