दैनिक भास्कर हिंदी: विधानसभा चुनाव में नहीं रहेगी मोदी लहर, शरद पवार ने भरा कार्यकर्ताओं में जोश

June 2nd, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राकांपा प्रमुख शरद पवार ने यह कह कर अपने नेताओं में जोश भरने की कोशिश की है कि विधानसभा का चुनावी गणित अलग होगा। आगामी 6 माह के भीतर होने वाले विधानसभा चुनाव में मोदी लहर नहीं रहेगी। शनिवार को पवार ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर लोकसभा चुनाव समीक्षा के साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। इस दौरान पार्टी नेताओं ने मांग रखी कि विस चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ सीट बंटवारा 50-50 फार्मूले पर होना चाहिए। 

हार से पस्त पार्टी नेताओं में शरद पवार ने भरा जोश

यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में पार्टी विधायकों, सांसदों, लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार व पार्टी पदाधिकारियों के साथ राकांपा अध्यक्ष पवार ने बैठक की। इस दौरान पवार ने अपने नेताओं को समझाया कि विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव जैसे नहीं होंगे। लोकसभा चुनाव मोदी के नाम पर लड़े गए थे लेकिन विधानसभा चुनाव स्थानीय मसलों पर होंगे। इस लिए लोकसभा चुनाव में मिली हार से हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में क्या परिणाम आए उसे भूल जाओ। अभी विधानसभा चुनाव के लिए हमारे पास 100 दिनों का समय है। उन्होंने कहा कि भाजपा-शिवसेना का मुकाबला करने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाले दलों को एकसाथ आना चाहिए। 

पवार ने बताया, क्यों जीते मोदी

पवार ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक उन्माद बढ़ाने का कार्य किया। बेरोजगारी दर अपनी चरम सीमा पर है। परेशान किसान आत्महत्या कर रहा है। हमें उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव में यह मसले असर डालेंगे, लेकिन मोदी ने चुनाव प्रचार कि दिशा प्रखर राष्ट्रवाद की तरफ मोड़ दिया। ऐसा लग रहा था कि मोदी सरकार जाएगी लेकिन पीएम के आक्रामक भाषण ने युवा मतदाताओं को प्रभावित किया। इस लिए इस तरह के चुनाव परिणाम आए। पवार ने कहा कि तत्कालिन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का प्रभाव मोदी से अधिक था। इसके बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उस समय किसी ने ईवीएम पर शंका नहीं जताई। राजीव गांधी की हार पर भी लोगों ने शंका नहीं किया। लेकिन आज लोग आशंकित क्यों हैं। इस लिए हमें चुनाव प्रक्रिया को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर मेरे मन में भी शंका थी।  

नए चेहरों को मिलेगा अधिक मौका 

आगामी विधानसभा चुनाव में राकांपा नए चेहरों को अधिक मौका देगी। पार्टी अध्यक्ष पवार ने साफ कर दिया है कि युवाओं को अधिक मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए अभी से काम पर लगने की जरूरत है। कार्यकर्ताओं को घर-घर जाना पड़ेगा। विधानसभा-जिला परिषद चुनाव अलग होते हैं। इस लिए पूरे उत्साह के साथ फिर से चुनाव मैदान में जाना होगा। इस दौरान प्रदेश राकांपा अध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि लोकसभा चुनाव में विधानसभावार वोटों का गणित देखे तो पता चलता है कि यदि हम 8 से 10 फीसदी वोट स्वींग कर सके तो हमारी बड़ी जीत हो सकती है। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी पार्टी के विभिनन नेताओं को दी जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने कहा कि राकांपा का कांग्रेस में विलय की अफवाह हमारे विरोधी फैला रहे हैं।   

विलय को लेकर जानबूझ कर फैलाई गई अफवाह

राकांपा अध्यक्ष पवार ने कहा कि जिन्हें लगता है कि हम अपने मित्र दल के साथ न रहे, उन्होंने कुछ पत्रकारों के सहयोग से राकांपा के कांग्रेस में विलय की अफवाह फैलाई है। उन्होंने कहा कि राकांपा का स्वतंत्र अस्तित्व है और वह बना रहेगा। बैठक में डी. पी. त्रिपाठी, मधुकरराव पिचड, छगन भुजबळ, सुनिल तटकरे, अनिल देशमुख, प्रकाश गजभिए, दिलीप वलसे पाटील, सुप्रियाताई सुले, खासदार वंदना चव्हाण, डॉ. अमोल कोल्हे, उदयनराजे भोसले, हसन मुश्रीफ आदि मौजूद थे।  
 
विधानसभा चुनाव के लिए 50-50 फार्मूला चाहती है राकांपा 

लोकसभा चुनाव में कम सीटों पर चुनाव लड़ कर कांग्रेस से चार गुना अधिक सीट जीतने वाली राकांपा अब विधानसभा चुनाव के लिए बराबर-बराबर सीट बंटवारा चाहती है। पार्टी के एक नेता ने बताया कि बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कांग्रेस के साथ 50-50 फार्मूले पर सीट बंटवारा होना चाहिए। इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 24 और राकांपा ने 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। जिसमें से राकांपा को 4 और कांग्रेस को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली। सीट बंटवारे को लेकर 2014 के विधानसभा चुनाव के वक्त अंतिम समय में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन टूट गया था। दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे।   

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